देवरिया। जोकहां खास छावनी में भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीराम कथा का शुभारंभ हुआ। अयोध्या से आए कथा वाचक कृतकर महाराज पहले दिन रामचरित मानस का श्रद्धालुओं को रसपान कराया। कथावाचक ने रामचरित मानस कथा का रसपान कराते हुए कहा कि मानस में सात कांड और सातों कांड में चार जगह कथा कही जा रही है, जिसमें चार ही वक्ता है और चार ही श्रोता हैं। महात्म की कथा सुनाते हुए बताया बिनु सत्संग विवेक न होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई। अर्थात बिना सत्संग के विवेक होने वाला नहीं है। कथा में स्वामी नाथ यादव उर्फ संजय भीमराज, अनुपम चौहान, सचिन, अशरफ मौजूद रहे। संवाद