दुदही(कुशीनगर)। नगर पंचायत दुदही में अतिक्रमण हटाने पहुंची पुलिस और एनएचएआई की टीम के सामने बुजुर्ग महिला ने आने शरीर में आग लगा ली। इससे अफरातफरी मच गई। पुलिस की मदद से लोगों ने किसी तरह उसे बचा लिया। इस दौरान महिला की साड़ी जल गई। इसके बाद बिना अतिक्रमण खाली कराए टीम लौट गई। हालांकि, टीम नोटिस जारी कर हाईकोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने गई थी। एसडीएम तमकुहीराज विकास चंद ने बताया कि अतिक्रमण न हटे, दबाव बनाने के लिए महिला ने अपनी साड़ी में आग लगाई थी। हाईकोर्ट में दूसरे पक्ष से की गई अपील का पेपर देखने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है।
विशुनपुरा थाना क्षेत्र के दुदही नगर पंचायत के लाल बहादुर शास्त्री नगर ब्लॉक के सामने 70 वर्षीय पुजारी तिवारी का मकान है। सड़क किनारे पुश्तैनी मकान में पूरा परिवार रहता है। इसके पीछे आबादी की जमीन है। आबादी के पीछे काश्तकारी की जमीन है। उसमें तीन भाई रहते हैं। पड़ोसी ने कुछ साल पहले एक भाई के हिस्से की जमीन का बैनामा करा लिया। जमीन बैनामा कराने के बाद उसने रास्ते के लिए एनएचएआई की जमीन में पुजारी तिवारी का मकान होने का मुकदमा हाईकोर्ट में किया, ताकि बैनामा की ली गई जमीन पर आने-जाने का रास्ता मुख्य सड़क से जुड़ जाए।
हाईकोर्ट ने सड़क से अतिक्रमण खाली कराने के लिए आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश पर तीन माह पहले एनएचएआई कार्यालय की ओर से पुजारी समेत तीन लोगों को सड़क की जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस दिया जा चुका था। मंगलवार को जेई अवधेश गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व टीम, पुलिस बल के साथ जेसीबी लेकर पहुंची। अतिक्रमण हटवाने के लिए राजस्वकर्मी अभी पुजारी के परिवार से बातकर भूमि चिह्नित कर रहे थे, पुजारी तथा अन्य दो परिवारों के लोग घर में रखा सामान बाहर निकालने लगे। इसी बीच हाईकोर्ट से आदेश लाने वाला व्यक्ति घर के पीछे आबादी की जमीन भी खाली कराने के लिए दबाव बनाने लगा। अफसरों ने हाईकोर्ट के आदेश में आबादी की जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाने की बात कहते हुए मना कर दिया और कहा कि सिर्फ एनएचएआई की जमीन से अतिक्रमण हटेगा। लेकिन, वह किसी की बात मानने को तैयार नहीं था। यह देख घर में अकेली पुजारी की 65 वर्षीय पत्नी उषा देवी घबड़ा गईं और शरीर में आग लगा लीं। पुलिस की मदद से लोगों ने आग बुझा दी। महिला तो बच गई लेकिन, उसकी साड़ी जल गई और टीम मौके से चली गई।
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-हाईकोर्ट के आदेश पर टीम अतिक्रमण खाली कराने गई थी। पुलिस बल नहीं मिलने के कारण अतिक्रमण खाली नहीं कराया जा सका। मकान के अंदर कोई महिला अपने शरीर में आग लगाई थी। इसकी मुझे जानकारी नहीं है। उच्चाधिकारियों को अतिक्रमण नहीं हटाने की जानकारी दे दी गई है। -अवधेश गुप्ता, जेई एनएचएआई