बघपरना गांव में शुक्रवार दोपहर कुछ लोग एक पेड़ की छांव में बैठकर लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान गांव के अमित पाठक और शंभू चौधरी के बीच बहस हो गई। दोनों अलग-अलग पार्टी की जीत का दावा कर रहे थे। कुछ ही देर में बहस विवाद में बदल गई। वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद अमित घर चले गए।
लोकसभा चुनाव में अपनी-अपनी पसंदीदा पार्टी की जीत को लेकर दो पक्षों की बहस इतनी बिगड़ गई कि एक बुजुर्ग को अपनी जान गंवानी पड़ी। मामला नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के बघपरना गांव में शुक्रवार दोपहर का है। मौत के बाद परिजन शव लेकर शनिवार सुबह थाने पहुंच गए और हत्यारोपियों पर केस दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे।
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करीब दो घंटे प्रदर्शन के बाद एएसपी वहां पहुंचे और लोगों को समझाया तब वे माने। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही चार लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गई हैं। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात है।
जानकारी के मुताबिक, बघपरना गांव में शुक्रवार दोपहर कुछ लोग एक पेड़ की छांव में बैठकर लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान गांव के अमित पाठक और शंभू चौधरी के बीच बहस हो गई। दोनों अलग-अलग पार्टी की जीत का दावा कर रहे थे।
कुछ ही देर में बहस विवाद में बदल गई। वहां मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। इसके बाद अमित घर चले गए। आरोप है कि देर रात शंभू चौधरी कुछ युवकों के साथ अमित के घर पहुंच गए और अमित को मारने-पीटने लगे। बीच-बचाव करने पहुंचे अमित के पिता राधेश्याम पाठक (55) और बहन रीतू (21) पर भी हमला कर दिया।
इससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसी बीच सूचना पर डायल 112 के सिपाही पहुंच गए। तब तक आरोपी फरार हो गए थे। तीनों घायलों को मेडिकल कॉलेज रवींद्र नगर ले जाया गया, वहां से डाॅक्टर ने राधेश्याम को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां शनिवार भोर में उनकी मौत हो गई।
उधर, शनिवार सुबह जब राधेश्याम का शव गांव में पहुंचा तो परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए और शव लेकर थाने पहुंच गए। आरोपियों पर केस दर्ज करने की मांग करते हुए प्रदर्शन करने लगे। इसके चलते पिपरा-बलकुड़िया मार्ग पर कुछ देर तक अवागमन प्रभावित रहा।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेने की कोशिश की तो ग्रामीण नाराज हो गए और बिना केस दर्ज किए शव देने से इनकार कर दिया। करीब दो घंटे तक थाने के सामने हंगामे की स्थिति रही। तब एएसपी रितेश कुमार सिंह वहां पहुंचे।
उन्होंने परिजनों को केस दर्ज करने क आश्वासन देकर समझाया तब वे माने। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने अमित की तहरीर पर शंभू चौधरी, उनके बेटे अंकित चौधरी, नितेश चौधरी और गांव के अभिषेक चौधरी पर हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से आरोपी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें बनाई गईं हैं।
एसएपी रितेश कुमार सिंह ने बताया कि मारपीट मामले में चार आरोपियों पर हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर लिया गया है। विवेचना में जिन लोगों के नाम सामने आएंगे उनके खिलाफ की केस दर्ज किया जाएगा। फिलहाल आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की चार टीमें गठित की गई हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।