पडरौना। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शुक्रवार को रामकोला ब्लॉक के 11 और विशुनपुरा ब्लॉक के दो आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान आठ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपस्थि मिलीं। डीपीओ ने वेतन बाधित कर उनसे जवाब तलब किया है। इसके अलावा रामकोला और विशुनपुरा के सीडीपीओ और सुपरवाइजर से स्पष्टीकरण मांगा है।
डीपीओ शैलेंद्र राय ने विशुनपुरा ब्लॉक के मिश्रौली बाजार का निरीक्षण किया। यहां दोनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीमा देवी व राधिका देवी उपस्थित थीं। केंद्र में महज 13 बच्चे उपस्थिति मिले। बाल विकास परियोजना रामकोला के पकड़ी बन्तीर केंद्र में बिंदु देवी, सिंधु देवी व सहायिका अनुपस्थित मिलीं। यह केंद्र बंद मिला। डीपीओ ने प्राथमिक विद्यालय अडरौना में संचालित तीन केंद्रों का निरीक्षण किया। तीनों केंद्र बंद मिले। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनीता देवी, आरती देवी और ममता रावत अनुपस्थित मिलीं।
प्राथमिक विद्यालय परसौनी केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संगीता देवी उपस्थित मिलीं, लेकिन यहां तैनात मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इंदु देवी अनुपस्थित थीं। वहां मौजूद लोगों ने बताया कि कार्यकर्ता कभी केंद्र पर नहीं आती हैं। यहां विभागीय आंगनबाड़ी केंद्र बना है। भवन ठीक है, लेकिन दरवाजा टूट जाने से केंद्र अनुपयुक्त पड़ा है।
इसको क्षेत्रीय मुख्य सेविका और सीडीपीओ की लापरवाही मानते हुए डीपीओ ने रामकोला बीडीओ से वार्ता कर दरवाजा लगवाने की बात कही। इसके बाद डीपीओ ने प्राथमिक विद्यालय सनेरामल्ल छपरा का निरीक्षण किया। वहां तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रमावती देवी व सहायिका द्रौपदी देवी अनुपस्थित मिलीं। विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने बताया कि यहां तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका 9:15 के बाद ही आती हैं। जबकि केंद्र संचालन का समय सुबह 8 से 12 बजे तक है।
डीपीओ ने उर्दहा के पंचायत भवन में संचालित केंद्र का निरीक्षण किया। इसमें से एक केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आरती देवी उपस्थित मिलीं। वहां केवल एक बच्चा मिला। वहां तैनात सहायिका विमला देवी अनुपस्थित रहीं। गांव के प्राथमिक विद्यालय में संचालित केंद्र पर सहायिका सात बच्चों के साथ उपस्थित रहीं। यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता किरन देवी मिलीं। डीपीओ ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं का एक दिन का मानदेय बाधित कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधित सीडीपीओ और सुपरवाइजर से भी स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।