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Kushinagar News: त्योहारों में पहले खा लें मिलावटी मिठाई, माह भर बाद आएगी रिपोर्ट

Wed, 01 Nov 2023 12:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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- दीपावली को देखते हुए 30 दुकानों का निरीक्षण कर 23 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं लैब, एक से डेढ़ माह बाद आएगी रिपोर्ट
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- विभाग की तरफ से फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स के जरिए खाद्य पदार्थों की जांच के लिए चल रही है जागरूकता



पडरौना। दीपावली का त्योहार नजदीक है। ऐसे में मिठाइयों की खपत बढ़ने पर मिलावट की आशंका बढ़ जाती है। त्योहारों से पहले छापा मार कर नमूने जांच के लिए भेजे जाते हैं, लेकिन उसकी रिपोर्ट त्योहार समाप्त होने के बाद आती है। पिछले वर्ष दशहरा व दीपावली पर भेजे गए नमूनों में से सौ से अधिक नमूने फेल हुए थे। इसकी रिपोर्ट करीब माह भर बाद आई थी।
इस समय खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों के 23 नूमने जांच के लिए भेज गए हैं। जिले में विभागीय टीम जांच में जुटी है। इसके अलावा फूड सेफ्टी ऑन व्हील के जरिए लोगों को खाद्य पदार्थों की जांच करने के अलावा लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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मंगलवार को शहर में मिठाई की दुकानों पर त्योहारों की तैयारियां तेज दिखीं। दुकानदार संभावित बिक्री को लेकर अपनी व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। रामकोला रोड स्थित एक मिठाई की दुकान पर दूध देने आए व्यक्ति से दुकानदार ने अतिरिक्त 100 लीटर दूध की मांग की।
दुकानदार ने बताया कि त्योहारों पर मावे से बनी मिठाइयों की मांग अधिक होती है। इसलिए दूध से बनी मिठाइयों को बनाने की व्यवस्था की जा रही है। रामकोला रोड से आगे बढ़ने पर सुनील कुमार मद्देशिया मिले। उन्होंने बताया कि मिलावटी मिठाइयों की वजह से मेवे की मिठाई खाने का मन नहीं करता है। इस लिए ब्रांडेड कंपनियों के पैक्ड मिठाइयां खरीदता हूं। दुकानों पर मिलने वाली मिठाइयों से यह ठीक रहती है।
वहीं लोगों को शुद्ध खाने-पीने के सामान मिले। इसके लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से लागातार छापा मारा जा रहा है। अब तक 23 नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जा चुका है। बीते एक अप्रैल से 30 सितंबर तक करीब चार सौ अधिक दुकानों का निरीक्षण कर नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था।
टीम ने खाद्य पदार्थों (पनीर, दूध, बेसन, खोया, नमकीन आदि) के नमूने जांच के लिए भेजा। उनमें से 102 नमूने फेल मिले हैं। इनमें से कार्रवाई कर 51 दुकानदारों पर जुर्माना लगाते हुए 27,55,000 रुपये का अर्थदंड वसूला गया है। शेष की कार्रवाई विचाराधीन है। इस जांच रिपोर्ट में दूध, मिल्क शेक, लालमोहन, नमकीन समेत अन्य मिठाई में मिलावट मिली थी। मसाला भी ठीक नहीं मिला था।



बीते अप्रैल से सितंबर तक 28 नमूने हुए थे फेल

वित्तीय वर्ष 2022 के दशहरा और दीवाली के मौके पर खाद्य पदार्थों की तरफ से (पनीर, दूध, बेसन, मिठाई, खोया, नमकीन आदि) के भेजे गए नमूनों में से 28 नमूने फेल हो गए थे। इनमें से तीन सेहत के लिए हानिकारक थे। हालांकि, अधिकतर ऐसे थे जो सेहत के लिए नुकसानदायक तो नहीं थे, लेकिन फायदेमंद भी नहीं थे।
एक अप्रैल 2023 से सितंबर माह तक 30 दुकानों का निरीक्षण हुआ था। इस दौरान पनीर, दूध, बेसन, मिठाई, खोवा, नमकीन आदि के 23 नमूने लिए गए। जांच रिपोर्ट मिली तो पता चला कई खाद्य पदार्थों की पैकिंंग पर सही सूचना अंकित नहीं की गई थी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अनुसार पैकेटों पर स्पष्ट और सही सूचना अंकित किया जाना जरूरी होता है।



जांच टीम में ये अधिकारी शामिल

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन प्रदीप राय ने बताया कि त्योहार को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमें बनाई गई हैं। जांच टीम अलग-अलग क्षेत्रों में छापा मार कर नमूने एकत्र करेंगे और जांच के लिए भेजेंगे। इसके अलावा विभाग की तरफ से क्षेत्र में अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों की पहचान कैसे करें इसको लेकर लोगों को जागरूक किया जाता है।




ऐसे करें खाद्य पदार्थों की पहचान



खाद्य सुरक्षा अधिकारी सदर अमित कुमार पांडेय ने बताया कि इन विधियों से खाद्य पदार्थों में मिलावट की पहचान खुद ही की जा सकती है। दूध में पानी होने पर किसी समतल प्लेट पर दूध की कुछ बूंदें डालें, सतह को टेढ़ा करें, यदि दूध की बूंद धीरे-धीरे ढलान की ओर जाए और पीछे सफेद लकीर छोड़े तो इसमें पानी नहीं मिला होता है। पनीर की पहचान करने के लिए पनीर को पानी में उबालकर इसमें कुछ बूंदें आयोडीन टींचर डालने पर यदि पनीर कर रंग नीला हो जाए तो वह मिलावटी होता है। हल्दी की पहचान के लिए एक चम्मच हल्दी पाउडर में पानी मिलाकर कुछ बूंदे हाइड्रोक्लोरिक एसिड की डालें, बुलबुले उठे तो उसमें मिलावट होती है। देसी घी की पहचान के लिज्ञी की कुछ बूंदों में आयोडीन मिलाने पर यदि रंग नीला हो जाए तो उसमें मिलावट होती है।





त्योहार को देखते हुए मिठाई की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस बार अच्छा कारोबार होने की उम्मीद है। तैयारी बेहतर ढंग से की जा रही है।

-विजय मद्देशिया, मिठाई कारोबारी



मिलावट की आशंका को देखते हुए हर साल दिवाली पर ब्रांडेड कंपनियों की पैक्ड मिठाई या ड्राई फ्रूट खरीदता हूं। इसको उपहार में भी भेजता हूं, क्योंकि त्योहार में मिलावट ज्यादा होता है।

- शिवमोहन जायसवाल, उपभोक्ता, जटहां रोड



मिलावटी खाद्य पदार्थ हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इनसे पेट संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। एसिडिटी, जौंडिस आदि का खतरा रहता है। किडनी और लीवर पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। ये खराब भी हो सकते हैं। सबसे ज्यादा असर बच्चों और वृद्ध पर पड़ने की आशंका रहती है। ब्लड प्रेशर और हृदय रोगी को ज्यादा दिक्कत होती है।
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डॉ. संजीव सुमन, प्रभारी चिकित्साधिकारी, पुरूष एवं नेत्र चिकित्सालय, पडरौना



मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से बच्चों में उल्टी, दस्त के अलावा पेट संबंधित बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए किसी भी स्थिति में बच्चों को मिलावटी खाद्य पदार्थ नहीं देना चाहिए। घर में बने खाद्य पदार्थ खिलाना सबसे बेहतर है।

- डॉ. कमलेश वर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ
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