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Kushinagar News: बिजली के अभाव में केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई बंद, करीब 66 घंटे बाद शुरू हुई आपूर्ति

Thu, 07 Sep 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। क्षेत्र के मोतीललहा के पास रविवार की रात करीब 11 बजे आंधी-बारिश में टूटकर गिरे पोल और हाईटेंशन तार के चलते पानी का संकट गहराने से केंद्रीय विद्यालय बुधवार को बंद कर दिया गया। जब तक बिजली-पानी की समस्या दूर नहीं होती, तब तक विद्यालय बंद रहने की जानकारी दी गई है। हालांकि, शाम करीब पांच बजे पोल-तार ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गई। इस दौरान करीब 66 घंटे तक दस गांवों के लोगों को मुसीबत झेलनी पड़ी।
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बीते रविवार की रात करीब 11 बजे तेज आंधी और बारिश आई थी। इसमें मोतीललहा के पास एक बिजली का पोल और हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया। उसके बाद क्षेत्र के चौराखास, चौरा धीरपट्टी, पकड़ी बुजर्ग, कसिया, होरलापुर, बंटोलवा समेत करीब दस गांवों के दस हजार से अधिक उपभोक्ताओं के घरो की बिजली गुल हो गई। इसके अलावा होरलापुर-गांगरानी मार्ग स्थित केंद्रीय विद्यालय की बिजली भी गुल हो गई। सोमवार की सुबह लोगों ने कुबेरस्थान विद्युत उपकेंद्र केंद्र के कर्मचारियों को फोन कर बिजली नहीं होने की जानकारी दी। बिजली कर्मी पेट्रोलिंग कर आंधी से टूटे तार और पोल का पता लगाकर चले गए। लोगों के बार-बार कहने के बाद भी बिजली कर्मियों ने सक्रियता नहीं दिखाई, जिससे शाम तक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। उधर, यहां संचालित केंद्रीय विद्यालय में पहले से उपलब्ध पानी से विद्यालय के बच्चे किसी तरह सोमवार और मंगलवार को काम चलाए, लेकिन बुधवार को विद्यालय में पानी और बिजली नहीं होने से विद्यालय प्रशासन को स्कूल बंद करना पड़ा। प्राचार्य संदीप कुमार पांडेय ने बताया कि विद्यालय में प्री-प्राइमरी से 12वीं तक 750 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। स्कूल में बिजली आपूर्ति ठप है, जिससे टंकी का पानी समाप्त हो गया है। मंगलवार को स्कूल खुला था। स्कूल आए बच्चों ने किसी तरह कार्य चलाया, लेकिन शाम तक टंकी का पूरा पानी समाप्त हो गया। देर रात तक बिजली आने की प्रतीक्षा की गई, लेकिन न आने पर बुधवार को सुबह 4:20 बजे अभिभावकों के ग्रुप में विद्यालय बंद करने का मैसेज दिया गया। उन्होंने बताया कि बुधवार को केवल इंटर और हाईस्कूल के विद्यार्थियों को बुलाया गया है। चूंकि इन्हें बोर्ड परीक्षा देनी है। इसलिए इनकी पढ़ाई किसी भी स्थिति में रुकनी नहीं चाहिए। बुधवार को इंटर के 19 और हाईस्कूल के 33 विद्यार्थी स्कूल आए।
बुधवार को उमस भरी गर्मी से परेशान लोग हाथ का पंखा झलते दिखे। सुबह उमस भरी गर्मी में केंद्रीय विद्यालय के हाईस्कूल और इंटर के विद्यार्थी और शिक्षक कक्षा में पढ़ाई के दौरान पसीने से तरबतर रहे। वहीं दोपहर में होरलापुर चौराहे पर संचालित दुकानदार भी परेशान थे। कभी आसपास पेड़ के पास हवा पाने जा रहे थे तो कभी दुकान में बैठकर हाथ का पंखा या कोई गत्ता झलकर गर्मी से निजात पाने का प्रयास कर रहा था।
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होरलापुर चौराहे के रामप्रीत गुप्ता और नीरज कुमार मिश्र ने बताया कि रविवार की रात करीब 11 बजे से अब तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हुई। बिजली नहीं होने से लोग उमस भरी गर्मी से परेशान हैं। रात में नींद और दिन में सुकुन नहीं मिल रहा है। होरलापुर चौराहे के बृजेश पांडेय, निलेश पांडेय, रूदल यादव ने बताया कि आंधी बारिश की वजह से मोतीललहा के पास एक बिजली का पोल टूटकर गिर गया था। केवल एक पोल समय से नहीं लगाने की वजह से दस गांवों के लोग बीते तीन दिन से परेशान हैं। यदि बिजली निगम के अधिकारी सक्रियता दिखाए होते तो लोगों को इस तरह की समस्या नहीं होती। होरलापुर के अभिषेक शर्मा, सागर गोंड, धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि बीते तीन दिन से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रही।

पूरे दिन बिजली कर्मियों के पीछे लगे रहे लोग
आंधी और बारिश में हरका-शिवपुर मार्ग स्थित मोतीललहा गांव के पास बिजली का पोल और तार टूट कर गिर गया था। इससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। सोमवार की सुबह लोगों की सूचना पर बिजली कर्मी पेट्रोलिंग कर क्षतिग्रस्त पोल और तार की खोज कर ली, लेकिन उसे सही करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। मंगलवार को उपभोक्ताओं की नाराजगी के बाद सक्रिय हुए निगम के कर्मचारी किसी तरह पोल की व्यवस्था कर मोतीललहा पहुंचाए, लेकिन उसे लगा नहीं पाए। उधर, बिजली नहीं होने से उमस भरी गर्मी से परेशान लोग बुधवार को पूरे दिन बिजली कर्मियों के पीछे-पीछे लगे रहे। इसके बाद शाम करीब पांच बजे 66 घंटे बाद क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकी। बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।

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बुधवार की सुबह 4:20 बजे स्कूल के ग्रुप में मैसेज मिला कि विद्यालय में बिजली और पानी की व्यवस्था अत्यंत खराब होने के कारण छह सितंबर को विद्यार्थियों के लिए बंद रहेगा। यदि बिजली निगम के कर्मचारी समय से सक्रियता दिखाए होते तो बुधवार को बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हुई होती। -कृष्ण कुमार पांडेय, अभिभावक।

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बीते तीन दिन से बिजली आपूर्ति बंद होने से रात में नींद पूरी नहीं हो रही है। सुबह बच्चे देर से जग रहे हैं, इसके चलते उन्हें स्कूल जाने में बिलंब हो जा रहा है। -आलोक सिंह, उपभोक्ता।

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होरलापुर चौराहे पर सहज जनसेवा केंद्र चलाता हूं। बीते दिन दिन से बिजली नहीं होने की वजह से एक रुपये की आमदनी नहीं हुई है। रोज दिन भर दुकान पर बैठता हूं और खाली हाथ घर जाता हूं। - अभिषेक शर्मा, दुकानदार।

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बिजली ठीक कराने के लिए बीते तीन दिन से लोग परेशान हैं। बिजली कर्मियों के पीछे-पीछे घूमना पड़ा है। मंगलवार को किसी तरह बिजली का पोल मंगवाकर लगवाया गया। बुधवार को बिजली कर्मचारी तार लगाने में जुटे रहे। -आलोक मिश्र, पूर्व ग्राम प्रधान, होरलापुर।

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गर्मी बढ़ने पर बढ़ जाती है लो वोल्टेज की समस्या
पडरौना। नगर के कई मोहल्लों में बुधवार को लो-वोल्टेज की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ा। लोगों का कहना है कि जब भी गर्मी बढ़ती है तो लो-वोल्टेज और फाल्ट की समस्या बढ़ जाती है।
साहबगंज निवासी नीरज बंका, अभिषेक खेतान ने कहा कि बीते दो दिन से उमस भरी गर्मी बढ़ी है। ऐसे में लोगों को बिजली की अधिक जरूरत पड़ती है। बुधवार को सुबह से शाम तक करीब 15 बार 10 से 15 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति बंद हुई, जब आई तो वोल्टेज ही कम था। बेलवा चुंगी के परमहंस शर्मा, कुंदन वर्मा, राजेश गुप्ता आदि ने बताया कि लो-वोल्टेज की समस्या से दिन में भी रहती है, लेकिन रात करीब नौ बजे के बाद बढ़ जाती है। कई बार तो वोल्टेज इतना कम हो जाता है कूलर और एसी की बात कौन कहे, पंखा भी नहीं चलता है। मजबूरी में लोगों को छत पर सोना पड़ रहा है।

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कुबेरस्थान विद्युत उपकेंद्र से इन गांवों में बिजली आपूर्ति होती है। रविवार की रात में आई आंधी और बारिश से कई स्थानों पर बिजली के पोल और तार टूट गए थे। उसे ठीक करने में समय लगा है। एसडीओ और जेई को युद्ध स्तर पर कार्य कराकर अतिशीघ्र बिजली आपूर्ति शुरू कराने का निर्देश दिया गया है। -इंद्राज यादव, एक्सईएन, पडरौना।
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