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मेगा ब्लॉक : ट्रेनों का संचालन बंद होने से निजी वाहनों का सहारा, देना पड़ रहा दोगुना किराया

Sat, 09 Sep 2023 12:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री
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पडरौना। मेगा ब्लॉक के चलते कुशीनगर जनपद से होकर गुजरने वाले गोरखपुर-नरकटियागंज और गोरखपुर-थावे रेल मार्गों पर 22 जोड़ी ट्रेनों में सिर्फ तीन जोड़ी का ही शुक्रवार को संचालन हुआ। यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ज्यादातर यात्री निजी वाहनों से गंतव्य तक पहुंचे। रोडवेज की बसें भी पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। लोगों को दोगुने से अधिक किराया देकर प्राइवेट टैक्सी या अन्य वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है। दो दिन से बस स्टेशन और टैक्सी स्टैंड पर यात्रियों की भागदौड़ बढ़ गई है।
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रेलवे की तरफ से गोरखपुर कैंट कुसम्ही में तीसरी लाइन बिछाई जा रही है। इसके अलावा कैंट रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमाॅडलिग का कार्य चल रहा है। इसके चलते रेल प्रशासन ने मेगा ब्लाॅक लिया है। इस वजह से कप्तानगंज जंक्शन से होकर गुजरने वाली गोरखपुर-नरकटियागंज और गोरखपुर-थावे रेलमार्ग के यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। पर्याप्त संख्या में ट्रेनों का संचालन नहीं होने से तमकुहीराज से गोरखपुर, पडरौना और कप्तानगंज से पडरौना और गोरखपुर की यात्रा करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों की संख्या बहुत कम हो जाने से यात्रियों को करीब तीन गुना किराया देकर प्राइवेट टैक्सी या अन्य डग्गामार वाहनों से यात्रा करनी पड़ रही है।
प्राइवेट और डग्गामार वाहन उठा रहे फायदा
कप्तानगंज जंक्शन से होकर चलने वाली 22 जोड़ी में से 19 जोड़ी ट्रेनें निरस्त होने का फायदा प्राइवेट टैक्सी चालक या अन्य डग्गामार वाहन उठा रहे हैं। कप्तानगंज से गोरखपुर जाने के लिए लोग दो रास्तों का इस्तेमाल करते हैं। एक पिपराइच के रास्ते और दूसरा परतावल बाजार के रास्ते जाना पड़ता है। कप्तानगंज से गोरखपुर के लिए ट्रेन का किराया 30 और कप्तानगंज से पडरौना का किराया 30 रुपये है, लेकिन ट्रेनें निरस्त होने से गोरखपुर जाने के लिए लोग प्राइवेट वाहन चालकों को 90 रुपये किराया देकर यात्रा कर रहे हैं। इसी तरह पडरौना जाने के लिए प्राइवेट वाहन चालकों को 80 रुपये और रामकोला जाने के लिए 50 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। कस्बे के परमजीत सिंह, गोलू मिश्रा, योगेंद्र सिंह, मिथिलेश मिश्रा, दिवाकर पांडेय, रामप्रीत मद्धेशिया, पप्पू मिश्रा आदि ने कहा कि ट्रेनों का संचालन बंद होने से कम दूरी के लिए समय देने के अलावा लोगों को जेब भी ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है।
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पडरौना रोडवेज डिपो से चलती है निगम की 24 और अनुबंधित 21 बसें
पडरौना रोडवेज डिपो से निगम की 24 और अनुबंधित 21 बसें संचालित होती हैं। इसके अलावा देवरिया, बलिया, गोरखपुर, बेल्थरा, लखनऊ और बनारस की करीब 80 बसें पडरौना आती हैं। शुक्रवार की शाम पांच बजे तक पडरौना से गोरखपुर तक पडरौना डिपो की बसें 30, लखनऊ की तीन, कानपुर की एक, दिल्ली की एक, बनारस की एक गोरखपुर के लिए गई हैं। इसके अलावा खड्डा से एक, कप्तानगंज से एक, दुबौली से एक, बड़हरा से निगम और अनुबंधित की एक-एक बस गोरखपुर के लिए गई है। कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर ट्रेनों के निरस्त होने से सबसे अधिक परेशानी तमकुहीरोड, दुदही, कठकुइयां, बड़हरागंज और रामकोला के लोगों को पडरौना एवं गोरखपुर की यात्रा करने में उठानी पड़ी। पडरौना के कठकुइयां ट्रैक्सी स्टैंड से दुदही जा रहे हरेराम कुशवाहा ने कहा कि ट्रेन निरस्त होने के चलते टैक्सी से जाना पड़ रहा है। ट्रेन से जाते तो 30 रुपये किराए में काम चल जाता, लेकिन अब 50 रुपये देने पड़ेंगे। तमकुहीराज जा रहे शिवम सिंह ने बताया कि पडरौना से तमकुहीरोड का किराया महज 30 रुपये है, लेकिन ट्रेन नहीं मिलने से 70 रुपये देने पड़ेंगे।
सेवरही से गोरखपुर जाने का एक मात्र साधन है बस
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार, गोरखपुर-कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर नियमित चलने वाली गोमतीनगर एक्सप्रेस सहित तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के निरस्त होने से दिक्कत बढ़ गई है। सेवरही से गोरखपुर जाने का एक मात्र साधन अब परिवहन निगम की बसें रह गई हैं। अब लोगों को रेल किराया 50 रुपये की जगह बसों का किराया 138 रुपये चुकाना पड़ रहा है। क्षेत्र के उमाशंकर सिंह, अशोक कुमार वर्मा, राहुल सोनी, लव जायसवाल, दुर्गेश मद्धेशिया, अभिषेक शुक्ल, प्रभात मिश्र आदि ने कहा कि कस्बा से काफी संख्या में व्यापारी, मरीज व छात्र हर दिन गोरखपुर आते-जाते हैं, इस रूट की तीन महत्वपूर्ण ट्रेनों के बंद होने के बाद यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जब तक ट्रेनों का संचालन सुचारू रूप से चालू नहीं होगा, तब तक इन दुश्वारियों का सामना करना मजबूरी है।

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पैसेंजर ट्रेनें निरस्त न होने से पडरौना जाने वालों को राहत



तमकुहीरोड। ट्रेनों के निरस्त होने से जहां गोरखपुर, लखनऊ और पाटलिपुत्र यात्रा की राह मुश्किल हो गई है। वहीं जिला मुख्यालय पडरौना जाने वाले लोगों के लिए राहत की बात है कि सुबह 6.25 बजे 05189/05199 थावे कप्तानगंज पैसेंजर ट्रेन, दिन में 11.16 बजे छपरा कचहरी से आने वाली 05164/05165 थावे-कप्तानगंज पैसेंजर ट्रेन और दिन में ही 13.25 बजे सिवान से आने वाली पैसेंजर ट्रेन का संचालन जारी है। इससे पडरौना जाने वाले यात्रियों को राहत है।

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शुक्रवार को विलंब से पहुंचीं ये ट्रेनें-
05153-डेमू स्पेशल जो सिवान से गोरखपुर जाती है, शुक्रवार को 4.35 घंटे देर से पहुंची।
19038-अवध एक्सप्रेस जो बरौनी से बांद्रा टर्मिनल को जाती है। यह ट्रेन शुक्रवार को 26 मिनट देर से पहुंची।

05154-डेमू स्पेशल जो गोरखपुर से सिवान जाती है, वह अपने निर्धारित समय 20.40 बजे पहुंची।


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क्या कहते हैं यात्री-

पडरौना कोर्ट में मुकदमा की पैरवी के लिए जाना है। ट्रेन से एक तरफ का 30 रुपये किराया लगता है। दोनों तरफ से 60 रुपये किराये से काम चल जाता, लेकिन ट्रेन का संचालन बंद होने से अब टैक्सी से जाना पड़ेगा। इसके लिए दोनों तरफ का किराया 100 रुपये देना पड़ेगा। ट्रेन से यात्रा करने में आराम रहता है, लेकिन टैक्सी से यात्रा में परेशानी होने के साथ दुर्घटना की भी आंशका रहती है। -सिंगासन प्रसाद, निवासी दुदही।

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गोरखपुर इलाज कराने जाना है। ट्रेन से जाते तो 50 रुपये किराया लगता, लेकिन प्राइवेट बस या टैक्सी से 140 रुपये खर्च कर गोरखपुर जाना पड़ेगा। -हफीज अंसारी, निवासी बांसगांव नैनहा।

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रेलसेवा इस क्षेत्र के लोगों के लिए लाइफलाइन जैसा है। रेल से लोग सस्ते दर पर सुरक्षित यात्रा कर लेते हैं। ट्रेनों के निरस्त होने से परेशानी बढ़ी है। -प्रभुनाथ प्रजापति, निवासी तमकुहीरोड।

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कप्तानगंज-थावे रेल मार्ग पर ट्रेनें निरस्त होने से व्यापारियों के साथ मरीजों व अन्य कार्यों से गोरखपुर की यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है। लोगों को अधिक समय के साथ किराया भी अधिक चुकाना पड़ रहा है। -राजा प्रसाद, निवासी सेवरही।



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गोरखपुर से नरकटियागंज जाना था। प्राइवेट साधन से बृहस्पतिवार को कप्तानगंज रेलवे स्टेशन तक आया हूं। दूसरी ट्रेन के आने तक कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर समय काट रहा हूं। -गौतम चौबे, यात्री।

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गोरखपुर जाने के लिए रामकोला से आया हूं। कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर कोई ट्रेन नहीं है। अब वापस घर जा रहा हूं। - आकाश मिश्र निवासी रामकोला।

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गोरखपुर जाने के लिए कप्तानगंज ट्रेन पकड़ने आया था। लेकिन कोई ट्रेन नहीं होने से प्राइवेट टैक्सी से गोरखपुर जा रहा हूं। - रामजी, निवासी भिसवा।


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गोद में छोटा बच्चा है। ट्रेन से गोरखपुर जाना था। रेलवे स्टेशन पर आने पर पता चला है कि ट्रेन निरस्त हो गई है। अब किसी अन्य वाहन से गोरखपुर जाना पड़ेगा। जरूरी कार्य है, नहीं तो यात्रा निरस्त कर देती। -नीलम देवी निवासी मंसूरगंज।

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गोरखपुर कैंट रेलवे स्टेशन पर यार्ड का निर्माण कार्य होने से ट्रेनों को निरस्त किया गया है। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। ट्रेन निरस्त होने की जानकारी पहले ही यात्रियों को दे दी गई है। फिर भी कुछ यात्रियों को ट्रेन के निरस्त होने की जानकारी नहीं हो पाई होगी। इसलिए ऐसी दिक्कतें हैं। निर्माण कार्य पूरा होते ही निरस्त सभी ट्रेनों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। ट्रेनों का संचालन शुरू होते ही यात्रा सामान्य हो जाएगा। - अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, एनईआर, बनारस।
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