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तंबाकू निषेध दिवस आज : धड़ल्ले से स्कूल गेट पर बिक रहे मादक पदार्थ

Wed, 31 May 2023 12:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना कोतवाली के ठीक सामने जूनियर हाईस्कूल के गेट पर बिकता गुटखा।
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पडरौना। बुधवार को विश्व तंबाकू निषेध दिवस है। लेकिन इसके सबसे अधिक शिकार युवा हो रहे हैं, जिसमें सबसे अधिक स्कूूली बच्चे हैं। इसे रोकने के लिए करीब आठ माह पहले डीएम ने स्कूल और कॉलेजों के गेट के आसपास मादक पदार्थों के बिक्री पर रोक लगाई थी। इसके बावजूद स्कूल और कॉलेजों के गेट पर मादक पदार्थ की बिक्री हो रही है। आश्चर्य की बात यह है कि इसे रोकने के लिए अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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पडरौना नगर में दस परिषदीय, वित्तपोषित व स्ववित्त पोषित समेत दस से अधिक माध्यमिक विद्यालय संचालित होते हैं। इसके अलावा तीन बालिका इंटर कॉलेज, दो बालिका डिग्री कॉलेज और वित्तपोषित डिग्री कॉलेज संचालित होते हैं। इसमें से कई विद्यालय ऐसे हैं, जिनके गेट के दो सौ मीटर की बात कौन कहे, मुख्य गेट के आसपास ही गुमटी या ठेले पर पान और गुटखा बिक रहा है।
सरकारी विद्यालय हों या गैर सरकारी विद्यालय, उसके दो सौ मीटर की दूरी पर किसी भी प्रकार का नशीली खाद्य पदार्थ की बिक्री पर कानूनी रूप से प्रतिबंध लगने के बावजूद कई जगहों पर छोटे छोटे स्कूली बच्चे सिगरेट, गुटखा, पान पराग खाते दिख जाएंगे। प्रशासन की तरफ से इसे रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे स्कूल और कॉलेज के गेट पर प्रतिबंध के बावजूद गुटखा-खैनी, सिगरेट बेच रहे हैं।
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दृष्य नंबर एक
उदित नारायण पीजी कॉलेज के सटे स्थित मालगोदाम के पास रेलवे की जमीन पर हर दिन एक ठेले की दुकान में गुटखा बिकता है। इसी तरह उदित नारायण इंटर कॉलेज के गेट के ठीक सामने सड़क की दूसरी तरफ गुमटी में गुटखा और पान धड़ल्ले से बिक रहा है।

दृष्य नंबर दो
नगर की कोतवाली के ठीक सामने बीआरसी परिसर में संविलयन विद्यालय संचालित होता है। इस विद्यालय के गेट के पास ही एक गुमटी में पान और गुटखा बिकता है। यहां बीआरसी कार्यालय होने के चलते हर दिन बीईओ समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी आते हैं। इसके बाद भी गुटखा और पान की दुकान को यहां से हटाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।

यह है आदेश
राज्य शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान के दो सौ मीटर के आसपास के क्षेत्रों में पूरी तरह से धूम्रपान वर्जित क्षेत्र घोषित है। इसके तहत विद्यालय और किसी भी शिक्षण संस्थान के आसपास गुटखा और तंबाकू जैसे नशीली पदार्थ बेचने और इसके इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर दो सौ रुपये जुर्माना का प्रावधान है। इसके बावजूद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश विद्यालयों के आस-पास नशीले पदार्थ गुटखा, सिगरेट और खैनी बेची जा रही है।

विद्यालय कैंपस के आस-पास गुटखा पान की दुकान संचालित होने की जानकारी नहीं है। यदि कहीं से शिकायत मिलती है तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य और प्रबंधक को इसके खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
- रविंद्र सिंह, डीआईओएस

धूम्रपान निषेध क्षेत्र का बोर्ड विद्यालयों के गेट पर लगाया गया है। बीआरसी परिसर में संचालित विद्यालय के गेट के पास चल रहे गुटखा पान की दुकान, जिस भूमि में संचालित होती है, वह जिला पंचायत की है। उसे हटवाने के लिए विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
- हिमांशु सिंह, बीईओ, पडरौना नगर क्षेत्र।

धूम्रपान से कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, फेफड़े के रोग, मधुमेह, और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज होता है। इससे सांस की नली में सूजन हो जाता है, जिसके कारण सांस फूलने लगती है। वातस्फीति और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस शामिल हैं। धूम्रपान तपेदिक, कुछ नेत्र रोगों और रुमेटीइड गठिया सहित प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ाता है। इन बीमारियों से बचाव के लिए धूम्रपान से दूर रहना चाहिए।
- डॉ. विकास गुप्ता, चेस्ट रोग विशेषज्ञ।

धूम्रपान करने से दांत और मुंह का कैंसर हो सकता है। दांत में पायरिया आदि बीमारियां होती हैं। इससे मुंह से बदबू आने लगती है। इससे बचाव के लिए लोगों को पान व गुटखा नहीं खाने की सलाह दी जाती है।
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- डॉ. मारकंडेय जायसवाल, दंत रोग विशेषज्ञ।
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