पडरौना। कोतवाली क्षेत्र के गुलेलहा गांव में हुई एक विवाहिता की मौत के मामले में न्यायालय ने आरोपियों को दहेज हत्या के आरोप से दोषमुक्त कर दिया। बृहस्पतिवार को इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे कोर्ट नंबर-6 के न्यायालय में हुई।
न्यायालय से मिली जानकारी के अनुसार बिहार प्रांत के पश्चिमी चंपारण जिले के भितहां थाना क्षेत्र के धुनियापट्टी गांव के निवासी वादी एकबाल अंसारी ने पडरौना कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि अपनी 18 वर्षीय पुत्री सबरु निशा की शादी पडरौना कोतवाली क्षेत्र के गुलेलहा गांव के फिरोज अंसारी के साथ घटना के छह माह पूर्व किया था। शादी में अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था। विदेश जाने के लिए एक लाख रुपये दहेज के रूप में ससुराल वाले मांग रहे थे तथा इसके लिए सबरु निशा को प्रताड़ित करते रहते थे। 26 फरवरी 2016 को सूचना मिली कि सबरु निशा की कटी लाश रेलवे ट्रैक पर मिली है। इस तहरीर के आधार पर पडरौना कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के बाद पुलिस ने फिरोज अंसारी, उसके पिता साहिब अंसारी और मां कलीमुन के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। तभी से यह मुकदमा विचाराधीन था। बृहस्पतिवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-6 शैलेंद्र मणि त्रिपाठी के न्यायालय में इस मुकदमे की सुनवाई हुई। न्यायालय में अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता की ओर से दोष साबित न करा पाने के कारण न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।