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Kushinagar News: कमीशन के चक्कर में डॉक्टरों को रास नहीं आ रही प्रधानमंत्री जन औषधि की दवा

Fri, 23 Jun 2023 12:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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जिम्मेदारों तक शिकायत पहुंचने पर भी दलालों का नहीं टूट रहा तिलिस्म
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प्राचार्य के मना करने के बाद भी डॉक्टरों के कक्ष में बैठ रहे प्राइवेट युवक
बृहस्पतिवार को 1129 लोगों का ओपीडी में इलाज के लिए हुआ था रजिस्ट्रेशन, पुराने मरीज भी पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सरकारी अस्पताल में सभी दवाएं हैं। मरीजों की जांच भी मुफ्त में हो रही है। ऐसा दावा कमीशन पर दवा लिखने वाले डॉक्टरों का है। जिला अस्पताल में मुफ्त या सस्ते इलाज की उम्मीद लिए आने वाले मरीजों को सेहत सुधारने के नाम पर ठगा जा रहा है। प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की दवा डॉक्टरों को रास नहीं आ रही है। मरीजों की समस्या भी देखने वाला कोई नहीं है। इस वजह से महंगी दवा लेना मरीजों के घरवालों के लिए मजबूरी बन गई है।
जिला अस्पताल पहुंची चिरगोड़ा गांव की 30 वर्षीय बलवंती देवी को बुखार और पेट में दर्द था। उन्होंने बताया कि ओपीडी में डॉक्टर से दिखाईं तो उन्होंने बाहर की एक दुकान सेे सभी दवाएं लिख दीं। विरोध जताने पर डॉक्टर के पास बैठा एक शख्स बोला कि देख नहीं रही हो, बुखार से कितने लोग मर रहे हैं। अच्छी दवा लिखी गई है। घबराई महिला ने उस दुकान से दवा खरीदी।
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बरवा महादेवा गांव के 30 वर्षीय श्रवण प्रजापति, तमकुहीराज निवासी 37 वर्षीय मिंटू अंसारी, लीलापट्टी के 60 वर्षीय सुकट और सोनवल गांव के निवासी 35 वर्षीय रामू भी डॉक्टर को दिखाए। इन लोगों ने बताया कि पर्ची पर डॉक्टर ने प्राइवेट दुकानों की दवा लिख दी। सभी दवाएं 800 से लेकर 1200 रुपये तक की थीं। इसके बाद ये मरीज जन औषधि केंद्र पर पहुंचे। वहां ये दवाएं आधे दाम पर मिल गईं। दवा लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टर के पास बैठा युवक बोला कि ये दवाइयां काम नहीं करती हैं। वापस कर जहां से कहा गया है, वहां से तुम लोग दवा ले लो। इन लोगो ने युवक की बातों पर आपत्ति जताई और शिकायत की बात कही। ऐसे ही सस्ते इलाज का सपना लिए आए अधिकतर मरीजों के साथ बेहतर दवा दिलाने के नाम पर जिला अस्पताल में दुकानवालों से जेब कटवाई जा रही है। जन औषधि केंद्र से दवा लेकर आए इन लोगों ने बताया कि जेनरिक की जगह एलोपैथ की महंगी दवा बेची जा रही है, जो महंगी पड़ रही है।

यहां पर भी बाहर से खरीदनी पड़ती है दवा
पडरौना। नगर के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को दिन में 11 बजे प्रभारी डाॅ. संजीव का कक्ष मरीजों से भरा था। अत्यधिक भीड़ के कारण बाहर एक शख्स पर्ची जमा कर रहा था, जबकि दूसरा युवक मरीजों को इलाज से पूर्व बीपी मापने के बाद डॉक्टर के पास भेज रहा था। वहीं ओपीडी के दूसरे कक्ष में डॉ. एसपी चौहान भी मरीजों को देख रहे थे। इसके अलावा लैब, दवा काउंटर और पर्ची काउंटर भी मरीजों की भीड़ से भरा था। डॉक्टर सरकारी पर्ची पर दवा तो लिख रहे थे, लेकिन जो दवाएं नहीं थीं, उन्हें सादे पर्ची पर लिख रहे थे। मरीजों को बाहर की दुकान से दवा खरीदनी पड़ती थी।
लवंगपुरा की 35 वर्षीय मुन्नी देवी अपने पति के साथ आई थीं। उन्होंने बताया कि डॉक्टर ने सरकारी पर्चे पर दो दवा और सादे पर्चे पर तीन दवाएं लिखीं। 80 वर्षीय बर्फा देवी अपने बेटे पंकज सिंह के साथ इलाज के लिए आई थीं। उनका कहना था कि बाहरी दुकानों से दवा लेने के लिए पर्ची दी गई। कटनवार निवासी भोला अपनी बेटी को वार्ड में भर्ती कराए थे, उन्हें बाहर से दवाएं खरीदनी पड़ीं।
डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि मरीजों की कंडीशन ऐसी होती है कि कुछ दवाएं बाहर से लिखनी पड़ती हैं। बीपी मापने वाला प्रशिक्षु युवक है।

बारिश के बाद मरीजों की बढ़ी संख्या
बारिश के बाद बढ़ी उमस से मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। उल्टी, दस्त, पेट दर्द के मरीजों से जिला अस्पताल का जनरल वार्ड पटा है। जनपद वार्ड में 70 बेड के सापेक्ष सवा सौ मरीजों को वार्ड में रखा गया। उसमें कई मरीजों का फर्श पर भी इलाज किया जा रहा है। सुबह राउंड पर जब डॉक्टर आए तो 25 मरीजों को डिस्चार्ज भी किए। बावजूद मरीजों के आने का सिलसिला जारी है।

नहीं आई एंबुलेंस, ठेले से पहुंचा अस्पताल
-महराजगंज जिले के सिसवा बाजार निवासी 60 वर्षीय प्रेमनारायण अपनेे रिश्तेदार के घर कुशीनगर के सिंगहां गांव में आए थे। दोनों आंखों से उन्हें दिखता नहीं है। उनके कान में अचानक दर्द हो गया। एंबुलेंस को रिश्तेदारों ने कई बार फोन किया, लेकिन नंबर नहीं लगा। गांव के नथुनी भगत अपने ठेला से लेकर पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय पहुंचे। घर से अस्पताल की दूरी करीब 15 किलोमीटर है।
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कोट
- बारिश के बाद गर्मी बढ़ने से मरीजों की संख्या बढ़ी है। सभी दवाएं उपलब्ध हैं। हो सकता है किसी मरीज को बाहर की दवा की जरूरत हो। इसलिए डॉक्टर लिखें हो, जो जन औषधि केंद्र पर मिल जाता है। डॉक्टरों को बाहरी लोगों को कक्ष में बैठाने से मना किया गया है। मरीजों को भी थोड़ी सतर्कता बरतनी होगी।
-डॉ. एचएस राय, सीएमएस, जिला अस्पताल
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