पडरौना। राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी (राशोसपा) के जिलाध्यक्ष रामेश्वर कुशवाहा के नवरात्र में सोशल मीडिया पर धार्मिक टिप्पणी से शहर का माहौल गरमा गया था। हिंदूवादी नेताओं ने इसको लेकर सड़क जाम कर पुतला भी फूंका। पुलिस ने केस दर्ज कर जिलाध्यक्ष के बेटे समेत तीन को जेल भेज दिया था। फरार जिलाध्यक्ष ने बुधवार को अधिवक्ता के माध्यम से जिला जज के न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन जमानत नहीं मिली। इस मामले में 21 अक्तूबर को अब सुनवाई होगी। राशोसपा के जिलाध्यक्ष को पुलिस सरगर्मी से तलाश रही है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने नेपाल के नवलपरासी में दबिश दी थी, लेकिन आरोपी पकड़ में नहीं आया। इसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर हियुवा नेे आंदोलन की चेतावनी दी थी। सीओ ने टीम गठित कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। पुलिस के बढ़ते दबाव को देखते हुए आरोप जिलाध्यक्ष जिला जज के न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन दिया था। इसकी जानकारी होने पर कोर्ट में अधिवक्ता पहुंच गए और आपत्ति की। जिला जज के न्यायालय ने 21 अक्तूबर की तारीख दे दी।ी