हाटा। गन्ना की खेती में लागत कम करने लिए किसानों को आधुनिक खेती करने की जरूरत है। गन्ना की खेती में सबसे अधिक खर्च मजदूरी पर हो रहा है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ रही है। गन्ना की खेती को कृषि यंत्रों से करने के लिए पूर्वांचल की एक मात्र ढाढ़ा चीनी मिल इसी माह में गन्ना काटने की मशीन मंगा रही है। इसका प्रदर्शन किसानों के खेत में गन्ना काट कर किया जाएगा।
यह जानकारी उत्तर प्रदेश गन्ना किसान संस्थान प्रशिक्षण केंद्र पिपराइच के सहायक निदेशक ओम प्रकाश गुप्ता ने दी। उनके साथ ढाढ़ा चीनी मिल के यूनिट हेड करन सिंह ने दी। इन लोगों ने बताया कि मशीन का प्रदर्शन सफल रहा तो किसानों के मिल की ओर से अनुदान और बैंकों के सहयोग से गन्ना काटने की मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। यूनिट हेड और सहायक निदेशक ने बताया कि ऑटोमेटिक केन प्लांटर से गन्ने की बुआई कराई गई थी। इसका सफल प्रदर्शन रहा है। इस पर किसानों को अनुदान देंगे। पेड़ी प्रबंधन के लिए आरएमडी यंत्र मंगाया गया है। इन लोगों ने कहा कि ढाढ़ा चीनी मिल का उद्देश्य है कि क्षेत्र के किसानों को गन्ना कृषि यंत्रों से जोड़कर उत्पादन लागत कम करने में मदद की जाए। इससे किसानों की आय और उपज बढ़ाई जाए। ढाढ़ा चीनी मिल परिक्षेत्र में गन्ना प्रशिक्षण संस्थान की ओर से बसंत कालीन गन्ना बुवाई के लिए विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा।
राकेश कुमार गौंड़ ।