कसया। नैकाछपरा अमरपुर में रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन कथा वाचक पंडित धीरज परासर ने श्रीमद्भागवत में भक्त प्रहलाद की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया। कहा कि प्रहलाद बचपन में ही ईश्वर की भक्ति में लीन हो गए थे। पिता हिरण्यकश्यप उनकी ईश्वर भक्ति से खिन्न था और उन्हें ईश्वर भक्ति से दूर करने के लिए तरह-तरह की यातनाएं देने लगा। फिर भी उन्होंने भगवान की भक्ति नहीं छोड़ी। इस दौरान नर्वदा सिंह, तेजा सिंह, रामउग्रह गुप्ता, मनोज सिंह, दिग्विजय सिंह, दिवाकर सिंह आदि श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद