पडरौना। जगह-जगह देवी पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं का सोमवार को नदी, नहरों और तालाबों में विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान भक्तों ने खूब अबीर-गुलाल उड़ाए। इस मौके पर मां की आरती व जयकारे गूंजते रहे। मां की विदाई के दौरान लोगों की आंखें नम हो गईं। पुलिस कर्मी तैनात रहे।
नगर के राजेश्वरी मार्केट, छुछिया गेट, सब्जी मंडी और बेलवचुंगी समेत अन्य स्थानों की दुर्गा प्रतिमा सोमवार को विसर्जित की गईं। जा रही मैया, दर्शन कर लो... गीत के बीच सोमवार को दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू हुआ। यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। गाजे-बाजे के साथ रंग-गुलाल उड़ाते श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं के साथ गांवों का भ्रमण किया। विसर्जन में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
नगर की सभी दुर्गा प्रतिमाएं खिरकिया स्थित झरही घाट पर विसर्जित हुईं। प्रतिमा विसर्जन के दौरान कोई अनहोनी न हो इसके लिए के पांडाल से लेकर विर्जन स्थल तक कोतवाली पुलिस कर्मी तैनात रहे। विसर्जन स्थल पर भी नगर पंचायत की तरफ से पथ और प्रकाश के बेहतर इंतजाम पहले ही कर लिए गए थे।
रहसू बाजार प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मधुरिया चौहान पट्टी स्थित कुकुत्था नदी घाट पर सोमवार को जोकवा, फाजिलनगर, रहसू बाजार, देवपोखर, धौरहरा, मल्लूडीह, बेलवा, धुनवलिया, अमवा, सोहंग आदि क्षेत्र के गांव में स्थापित दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान कसया एसडीएम पारितोष मिश्रा, तहसीलदार धर्मवीर सिंह, कानूनगो नन्दलाल पाठक, तुर्कपट्टी एसएचओ संजय कुमार, मधुरिया चौकी प्रभारी जितेंद्र राम, सुनील आदि मौजूद रहे।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार सोमवार की शाम चार बजे से क्षेत्र के साहबगंज छोटी गंडक घाट पर दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। प्रतिमा विसर्जन के दौरान शनिवार को एक युवक गंडक में डूब गया था। इसको लेकर सोमवार को प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस पहले से अधिक अलर्ट रही। एसपी संतोष कुमार मिश्र ने स्वयं विसर्जन स्थल का निरीक्षण करते रहे।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार कड़ी सुरक्षा के बीच खड्डा और आसपास क्षेत्रों में स्थापित देवी प्रतिमाओं का विसर्जन जुलूस निकला। पनियहवा पुल के पास व भैंसहा घाट पर बनाए गए कृत्रिम गड्ढे में विसर्जन किया गया। सोमवार को दोपहर बाद विभिन्न पूजा पंडालों से मां दुर्गा की प्रतिमाएं ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहनों से जुलूस के साथ निकलीं। डीजे की धुन पर श्रद्धालु नाचते गाते अबीर गुलाल उड़ाते चल रहे थे।