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Kushinagar News: छात्रावास के निर्माण में विलंब के साथ ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल

Sat, 06 Jan 2024 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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निर्माणाधीन राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय लक्ष्मीपुर छात्रावास का निरीक्षण करते डीएम उमेश मिश्रा
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पडरौना। निर्माणाधीन राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय लक्ष्मीपुर के छात्रावास के निर्माण में विलंब के साथ ही घटिया सामग्री का इस्तेमाल हो रहा है। इससे नाराज डीएम ने कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ के प्रोजेक्ट मैनेजर के विरुद्ध शासन को पत्र भेजने का निर्देश दिया। शुक्रवार को निरीक्षण के दौरान छात्रावास परिसर में गंदगी, भवन के अनुरक्षण नाम पर धन के दुरुपयोग के साथ ही पढ़ाई की गुणवत्ता भी उत्कृष्ट नहीं मिली। डीएम ने जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि का निर्देश दिया।
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शुक्रवार को दोपहर बाद राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय लक्ष्मीपुर, पडरौना के निर्माणाधीन ट्रांजिट हॉस्टल/छात्रावास के निर्माण कार्यों का डीएम उमेश मिश्रा ने सीडीओ गुंजन द्विवेदी के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ के अभियंता व जिला समाज कल्याण अधिकारी से स्वीकृत बजट के सापेक्ष व्यय की गई धनराशि, निर्माण कार्य के पूर्ण होने की अवधि की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान प्रथम दृष्ट्या निर्माण कार्य (प्रोजेक्ट) की प्रगति बहुत धीमी होने के साथ निर्माण कार्य में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियों की गुणवत्ता बहुत खराब मिली। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्यदायी संस्था यूपीसीएलडीएफ के प्रोजेक्ट मैनेजर के विरुद्ध शासन को पत्र भेजने के लिए निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था की ओर से कराया गया कार्य उत्कृष्ट नहीं है। यह अत्यंत ही निंदनीय है। अतः भविष्य में इसे किसी भी प्रकार का प्रोजेक्ट न दिया जाए। निरीक्षण के दौरान प्रयुक्त हो रहे ईटों की गुणवत्ता उच्च श्रेणी की नहीं होने के कारण इसे तत्काल बदलने के निर्देश दिए। निर्माण कार्य में हो रही देरी व धीमी प्रगति पर कार्यदायी संस्था के अभियंता को इसे गुणवत्तापूर्ण तथा मानक के अनुरूप शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभी तक कराए गए ट्रांजिट छात्रावास के संपूर्ण निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच कर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इसके बाद डीएम ने छात्रावास के समीप स्थित पूर्ण हुए प्रधानाचार्य आवास तथा टाइप एक के आवासों का निरीक्षण किया। वहां प्रथम दृष्ट्या खिड़कियां, शीशे, दरवाजे टूटे हुए मिले। परिसर एवं भवन के इर्द-गिर्द गंदगी मिली। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए परिसर की पैमाइश कराने, परिसर तथा आवास में व्याप्त गंदगी को शीघ्र साफ कराने के लिए ग्राम प्रधान, प्रधानाचार्य व संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया।
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डीएम ने समाज कल्याण विकास निगम की ओर से वर्ष 2017 में बनवाए गए पुराने राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के छात्रावास, कैंटीन, स्टोर रूम, कक्षाएं तथा संपूर्ण भवन का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान हॉस्टल में मौजूद हाईस्कूल के छात्रों से बात कर सवाल पूछे तो उसमें पढ़ाई की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी और प्रधानाचार्य को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया। वर्ष 2017 में बनकर तैयार हुए भवन की स्थिति भी बहुत जर्जर मिली। जगह-जगह प्लास्टर उखड़े मिले। छात्रों के कमरे के शीशे व खिड़कियां भी टूटी मिलीं। इस पर डीएम ने समाज कल्याण विकास निगम की ओर से निर्माण कराए गए विद्यालय की अत्यंत खराब गुणवत्ता पर कार्यदायी संस्था के विरुद्ध शासन में पत्र भेजने के लिए सीडीओ को निर्देश दिया। इस दौरान सुरेंद्र सिंह, प्रधानाचार्य अनूप कुमार श्रीवास्तव, जिला समाज कल्याण अधिकारी विनय कुमार आदि मौजूद रहे।
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