डिग्री नहीं, फिर भी अस्पताल खोलकर कर रहे इलाज और ऑपरेशन
- बोर्ड पर फर्जी डॉक्टरों के नाम से झांसे में आ रहे मरीज
- इलाज में गड़बड़ी से कई लोगों की हो चुकी है मौत
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना/गुरवलिया बाजार। जिले के तमकुहीराज और फाजिलनगर सहित प्रमुख बाजारों में बिना डिग्री के ही अस्पताल खोलकर इलाज किया जा रहा है। बोर्ड पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के समान डिग्रियां लिखवाकर लोगों को ठग रहे हैं। इन क्षेत्रों में कई झोलाछाप भी सक्रिय हैं। इनके इलाज से अक्सर मरीजों की या तो हालत बिगड़ जाती है या जान चली जाती है।
गुरवलिया बाजार, सीताराम चौराहा, बरवा राजापाकड़, सरिसवां, भेलया, छहूं चौराहा, गड़हिया, तुर्कपट्टी के अलावा जनपद के अन्य हिस्सों में ऐसे क्लीनिक अथवा मेडिकल स्टोर हैं, जहां इलाज और ऑपरेशन किया जाता है।
किसी ने टिनशेड डालकर तो किसी ने भारी गंदगी के बीच में ही अस्पताल खोल रखा है, जहां ऑपरेशन तक किया जा रहा है। इनके बोर्ड पर डिग्रियां देख लोग सहज ही झांसे में आ जाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कभी इनकी डिग्रियों की जांच नहीं की जाती है। अधिकतर का स्वास्थ्य विभाग में पंजीकरण भी नहीं रहता। इनके इलाज से जब मरीज की हालत बिगड़ जाती है तो उन्हें रेफर कर दिया जाता है। कई मरीजों की मौत भी हो जाती है।
केस-एक
02 अगस्त, 2022 को तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के गड़हिया में संचालित अवैध अस्पताल में एक महिला की ऑपरेशन के बाद मौत हो गई। महिला को पेटदर्द हुआ था। दिखाने के बाद ढेर सारी दवाइयां लिख दी गईं और पथरी बताकर ऑपरेशन कर दिया गया। ऑपरेशन के तुरंत बाद ही महिला की मौत हो गई।
केस-दो
18 अगस्त 2020 को गुरवलिया बाजार में बंगाल की नर्तकी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद आर्केस्ट्रा संचालक और परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। उसके बाद पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया था।
केस-तीन
18 जुलाई 2022 को कसया थाना क्षेत्र के महुई बुजुर्ग के भैसा डाबर टोला निवासी पप्पू पटेल की बेटी अंशिका (7) को हल्का बुखार था। परिजन टेकुआटार के मेडिकल स्टोर पर दवा कराने ले गए। मेडिकल स्टोर संचालक के इंजेक्शन लगाने के बाद बच्ची की मौत हो गई। इस पर घरवालों ने हंगामा खड़ा कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची रामकोला पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद समझा-बुझाकर लोगों को शांत कराया। मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे को हिरासत में ले लिया।
केस-4
तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के छहूं चौराहे पर बिना लाइसेंस के चल रहे मेडिकल स्टोर को 29 जून को सील कर दिया गया था, लेकिन अभी दस अक्तूबर को राष्ट्रीय बाल आयोग के निर्देश पर सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया और तमकुहीराज सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अमित राय ने तुर्कपट्टी पुलिस के साथ मेडिकल स्टोर की जांच की तो मेडिकल स्टोर के बगल के कमरे में तीन मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा था। न इलाज करने वाले के पास कोई डिग्री थी और न दवा बेचने वाले के पास। पुलिस ने इलाज करने वाले को हिरासत में ले लिया था।
शिकायतों के आधार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे लोगों पर एफआईआर भी दर्ज कराया जाता है। अभी हाल ही में एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई हुई है। संचालक पर मुकदमा पंजीकृत हो चुका है। आगे भी स्वास्थ्य विभाग अवैध अस्पतालों पर शिकंजा कसेगा।
- डॉ. सुरेश पटारिया, सीएमओ