सीएमएस ने टीम को जांच के लिए दिया है पांच दिन का समय
कुशीनगर। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार की रात हुई मरीज की मौत के मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी गई है। टीम में एक रेडियोलॉजिस्ट, एक एनेस्थीसिया और एक फिजिशियन को शामिल किया गया है। टीम को जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है।
रामकोला थाना क्षेत्र के बरवा महदेवा गांव के 40 वर्षीय शंभू कुशवाहा को परिजनों ने बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शंभू को तेज बुखार और अन्य परेशानियां थीं। परिजन प्लेटलेट्स कम होने की बात कर रहे थे। बताया जाता है कि भर्ती करने के बाद डॉक्टर ने उनकी कुछ जांच लिखी थी, लेकिन उसमें काफी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया था। परिजन शाम तक रिपोर्ट के लिए दौड़ते रहे, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली थी। परिजनाें का आरोप था कि जांच रिपोर्ट समय से न मिलने के कारण रात के करीब आठ बजे शंभू की जिला अस्पताल में मौत हो गई। इसके बाद परिजनों और उनके साथ आए लोगों ने जिला अस्पताल में हंगामा किया था। काफी देर तक अफरातफरी की स्थिति रही। बाद में अस्पताल प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद लोग शांत हुए थे। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल प्रशासन ने इस प्रकरण की जांच के लिए टीम गठित कर दी।
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जिला अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार की रात मरीज की मौत के मामले में जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बृजनंदन, एनेस्थेसिया के डॉ. दिलीप कुमार और फिजिशियन डॉ. मलय कुमार श्रीवास्तव को टीम में शामिल किया गया है। इन्हें पांच दिन का समय दिया गया है। टीम इस बात की जांच करेगी कि यदि गलती हुई है तो वह किसके स्तर से हुई है। नर्सिंग स्तर से, पैथालॉजी स्तर से या डॉक्टर के स्तर से। जहां तक जांच रिपोर्ट विलंब से मिलने का सवाल है तो इन दिनों अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। इसलिए पैथालॉजी में भी जांच के लिए अधिक सैंपल आ रहे हैं। इसी वजह से रिपोर्ट शाम पांच बजे तक मिल पाई। फिर भी इस प्रकरण की जांच कराई जा रही है। -डॉ. एचएस राय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल