बेलवा कारखाना। गिरता पारा अब खतरनाक साबित हो रहा है। चौराखास थाना क्षेत्र के विशुनपुरा गांव के बुुजुर्ग की बाजार से घर आने पर तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें फाजिलनगर के एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। डॉक्टर ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय रास्ते में ही बुजुर्ग की मौत हो गई।
बताया जाता है कि हरिवंश उपाध्याय (72) रविवार की शाम खेत से लौटने के बाद मकर संक्रांति के लिए जौरा बाजार सब्जी खरीदने गए थे। शाम करीब सात बजे वह घर पहुंचे तो उन्हें तेज कंपकंपी के साथ सीने में दर्द महसूस हुआ। वह बार-बार अपना सिर पकड़कर बैठने लगे और उनको मूर्च्छा आने लगी। उन्हाेंने अलाव जलवाया, लेकिन उससे भी राहत नहीं मिली। परिजन तत्काल उन्हें फाजिलनगर कस्बे के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद सुधार होता न देख डाॅक्टर ने उनको मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज ले जाते हुए रास्ते में ही हरिवंश उपाध्याय की मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, फाजिलनगर कस्बे के प्राइवेट हास्पिटल के डॉक्टर ने बताया कि ठंड लगने से हरिवंश उपाध्याय की हालत बिगड़ी थी। परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया।