तुर्कपट्टी। करीब नौ माह पहले ओमान गए ग्राम सभा अमवा दूबे के पुरवा सिरपतखांड़ निवासी 30 वर्षीय महेश चौहान का शव रविवार को घर लाया गया, तो परिजनों में चीख-पुकार मच गई। कुछ देर बाद परिजन घाघी नदी के बनवरिया घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। नौ मार्च को ओमान में उनकी मौत हो गई थी।
महेश पांच बहनों में अकेला भाई था। करीब सात वर्ष पहले महेश की शादी कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के पिपरा जटामपुर के पुरवा नौका टोला निवासी ललिता के साथ हुई थी। परिवार की आर्थिक दशा सुधारने और बहनों की बहन की शादी में बंधक हुए खेत छुड़ाने के लिए करीब नौ माह पूर्व ओमान किसी कंपनी में नौकरी करने गए थे। वहां बीते नौ मार्च को उनकी मौत हो गई। इसकी सूचना ग्राम प्रधान को चार अप्रैल को मिली, तो उन्होंने इसकी जानकारी परिजनों को दी। शनिवार की देर शाम महेश का शव उनके घर पहुंचा, तो परिजनों में चीखपुकार मच गया। कुछ देर बाद परिजन उनका संस्कार घाघी नदी के बनवरिया घाट पर कर दिया। उनके पांच वर्षीय पुत्र आर्यन ने महेश की चिता को मुखाग्नि दी।