पडरौना/अहिरौली बाजार। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के भरपुरवा उर्फ मुजफ्फरपुर गांव में मंगलवार को युवक की लाश बंद कमरे में फंदे से लटकी मिली। खबर मिलते ही गांव वालों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। युवक आजमगढ़ के एक जनप्रतिनिधि का वाहन चलाता था। दस दिन पहले घर आया था। खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं हो पा रही है। गांव में चर्चा है कि वह नशे का आदी हो गया था और घर आने के बाद तनाव में रहता था।
भरपुरवा उर्फ मुजफ्फरपुर गांव निवासी 25 वर्षीय किशुन दूबे कुछ सालों से यूपी पुलिस और आर्मी की तैयारी कर रहा था। घर की माली हालत ठीक नहीं होने से दो साल पहले रोजी-रोटी की तलाश में घर छोड़ दिया। कुछ दिनों तक मुंबई में रहकर वाहन चलाया। इसके बाद घर चला आया। करीब एक माह से वह आजमगढ़ के एक जनप्रतिनिधि की गाड़ी चला रहा था। घर वालों के अनुसार, दस दिन पहले लखनऊ में गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इसके बाद किशुन दुबे घर चला आया। घर आने के बाद वह तनाव में रहता था।
सोमवार की शाम परिवार के सदस्यों के भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया। मंगलवार को सुबह देर तक जब उसका दरवाजा नहीं खुला तो परिवार के सदस्य आवाज देने लगे। कमरे से कोई आवाज नहीं आने से घबड़ा गए। खिड़की से देखा तो उसका शव पंखे से फंदे में झूल रहा था। घर वालों में चीख-पुकार मच गई। गांव वालों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़कर शव को बाहर लोगों ने निकाला। पुलिस ने युवक का मोबाइल कब्जे में ले लिया।
वह तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता सूर्यभान दूबे किसान हैं। उसकी बड़ी बहन की आठ साल पहले आजमगढ़ जिले में शादी हो गई है। उसके बड़े भाई अमित दूबे कस्बे में ही टेंपो चला कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। युवक ने खुदकुशी क्यों की? इसकी जानकारी की जा रही है। अभी घर वाले कुछ बता नहीं रहे हैं।