पकड़ियार बाजार। रामकोला थाना क्षेत्र के चकचिंतामणि गांव में एक नीलगाय की मौत की गुत्थी सुलझी नहीं थी कि दूसरे दिन जख्मी होने के बाद एक और नीलगाय की मौत हो गई। इससे नाराज लोगों ने पुलिस से नीलगाय के हमलावरों पर कार्रवाई की मांग की। नीलगाय के शरीर पर बने तीन सुराख को देख कर शिकारियों की गोली से मौत की चर्चा रही।
रामकोला थाना क्षेत्र के चकचिंतामणि गांव में शुक्रवार को सुबह नीलगाय मृत हालत में मिली। इसकी खबर मिलते ही गांव वालों की भीड़ जुट गई। सूचना के एक घंटे बाद पुलिस भी पहुंच गई। नीलगाय के शरीर पर तीन जगह सुराख थे। देखने से लग रहा था कि नीलगाय को शिकारियों ने गोली मारी है। जहां नीलगाय का शव था वहां गन्ने के पौधे टूट गए थे। मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि शिकारियों ने नीलगाय को गोली कहीं और मारी है, भागकर यहां तक आई और इसकी मौत हो गई है।
वहीं बृहस्पतिवार को भी एक नीलगाय की मौत हुई थी। लोगों का कहना है कि वन विभाग की लापरवाही से वन्यजीवों को शिकारी निशाना बना रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिस नीलगाय का पोस्टमार्टम हुआ। उसके मौत का कारण अभी तक पता नहीं चल सका है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इशांत आनंद ने बताया कि पहली नीलगाय के पोस्टमार्टम में घाव से मौत की पुष्टि हुई, लेकिन घाव की वजह नहीं बताई गई है। डिप्टी रेंजर अमित तिवारी का कहना है कि पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। गोली लगी है कि नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा।