ठूठीबारी/खड्डा। पनियहवां पुल से गंडक नदी में कूदे किराना व्यापारी नागेश्वर रौनियार (55) का शव 11वें दिन पुलिस को मिल गया। रविवार भोर में बगहा के मलकौली एसएसबी कैंप के पास मछुआरों के जाल में शव फंस गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव की शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सुपुर्द कर दिया। बेटे अतुल ने बताया कि लगातार पांच दिनों तक तलाश करने के बाद शव नहीं मिला। इस पर छठवें दिन प्रतीकात्मक पुतला का अंतिम संस्कार कर ब्रह्मभोज की तैयारी में जुट गए थे।
ठूठीबारी कस्बे के नागेश्वर रौनियार होलसेल किराना स्टोर के व्यापारी थे। 21 दिसंबर सुबह अपने निजी वाहन से महराजगंज किसी काम से गए थे। वहां से वह अपने ड्राइवर खुशबुद्दीन से मदनपुर देवी के दर्शन करने की बात कह चल दिए। जैसे ही वह कुशीनगर के नारायणी नदी पर बने पुल पनियहवां पहुंचे। तो वहीं गाड़ी रूकवाकर नागेश्वर टहलते हुए पुल के बीच पहुंच कर नदी में छलांग लगा दी। यह देख ड्राइवर व आसपास के लोगों ने शोर मचाया। परिजन एनडीआरएफ व गोताखोर की टीम की मदद सें तलाश शुरु कराया। लगातार पांचवें दिन शव न मिलने पर परिजन छठवें दिन व्यापारी के पुतले का प्रतीकत्मक अंतिम संस्कार कर ब्रह्मभोज कार्यक्रम में जुटे थे। प्रभारी निरीक्षक खड्डा नीरज कुमार राय ने बताया कि नदी में कूदे नागेश्वर रौनियार का शव बिहार के बगहा में नदी से बरामद हुआ है।