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Kushinagar News: जनपद में नहीं थम रहा साइबर अपराध

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जनपद में नहीं थम रहा साइबर अपराध
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- साइबर ठग हर तीसरे तीन एक व्यक्ति को बना रहे शिकार
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद में साइबर अपराध बढ़ता जा रहा है। कभी बैंक अधिकारी बताकर लोगों के खाते में कमियां बताते हुए ओटीपी लेकर रुपये निकाल ले रहे हैं, तो कभी लालच देकर फर्जी सिमकार्ड से खाता लिंक कराकर ठगी हो रही है। पुलिस के आंकड़े के अनुसार साइबर अपराधी हर तीसरे दिन एक व्यक्ति को शिकार बना रहे हैं। इसमें सर्वाधिक मामले पडरौना कोतवाली क्षेत्र के हैं। छह माह में 78 लोगों के खाते से जालसाजों ने 16 लाख 11 हजार रुपये निकाल लिए। पुलिस ने इसमें से नौ लाख से अधिक वापस करा दिया है।
दो माह पूर्व दुदही ब्लॉक के शाहपुर उचकी पट्टी में गर्भवती महिला को मिलने वाले छह हजार रुपये साइबर ठगों ने उड़ा लिए। इसी गांव के प्रदीप कुमार, तूफानी, अफजल के पास उनके मोबाइल पर फोन आया। उनके खाते में पैसा भेजने के नाम एक एप डाउनलोड़ कराकर एक-एक हजार रुपये खाते से उड़ा लिए गए। इसके बाद साइबर ठग का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।
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केस एक
आठ नंवबर को पॉश मशीन सहित कसया व साइबर शाखा की संयुक्त पुलिस ने एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया कि वे चार पहिया वाहन से दिल्ली से मुजफ्फरनगर, हापुड़, लखनऊ, गोरखपुर आते हैं। एटीएम बूथ पर सहयोग करने के बहाने एटीएम कार्ड बदलकर दूसरा एटीएम कार्ड दे देते हैं। पॉश मशीन के माध्यम से उस एटीएम का पूरा पैसा दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं। दूसरा तरीका एटीएम मशीन में जहां से पैसा निकलता है, वहां पर पीतल से बना एक एटीएम स्ट्रेचर लगा देते हैं। जब कोई व्यक्ति एटीएम से पैसा निकालने आता है तो एटीएम से पैसा निकलने के पूरे प्रोसेस के बाद एटीएम स्क्रैचर लगा होने के कारण वह पैसा उसी स्क्रैचर में फंस जाता है, जिसको वे बाद में स्क्रैचर के साथ बाहर निकाल लेते हैं।
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केस दो
फर्जी सिमकार्ड से खाता लिंक करा करते थे ठगी
नेबुआ नौरंगिया थाना व साइबर पुलिस ने 29 अक्तूबर को 25 हजार के इनामी साइबर ठग को पकड़ा। पूछताछ में उसने बताया कि महिलाओं और भोले-भाले लोगों को लालच देकर निशाना बनाते थे। पहले कंपनियों से फर्जी मोबाइल नंबर लेकर यूपीआई बनाते थे, फिर इंस्टेंट लोनिंग का पैसा खाते में ट्रांसफर कर उसकी निकासी कर लेते थे।
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वर्जन
साइबर अपराध जनपद में कम हो इसके लिए सभी थानेदारों को निर्देश दिया गया है। ऑनलाइन फ्राड होने पर तत्काल थाने या टोल फ्री नंबर 1930 पर कॉल करके सूचना दें। बीते छह माह में नौ लाख रुपये से अधिक की रकम वापस कराई गई है। चार लाख से अधिक रुपये फ्रीज कराए गए हैं।
धवल जायसवाल, एसपी
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