तमकुहीरोड। जलस्तर बढ़ने से बड़ी गंडक और बांसी नदी उफान पर हैं। इससे पिपराघाट में फसलें बाढ़ के पानी में डूबी हुईं हैं तो अब शिव टोला समेत अन्य कई गांवों में जाने वाली सड़कों पर भी एक से डेढ़ फुट तक पानी चढ़ गया है। आवागमन को लेकर लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। दुश्वारियां झेलकर उन्हें पानी के बीच से आना-जाना पड़ रहा है।
तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के पिपराघाट एहतमाली और पिपराघाट मुस्तकिल ग्राम सभा गंडक व बांसी नदी के दोआब में बसा है। इसमें गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही न केवल खेतों में पानी भर जाता है बल्कि सड़कों पर भी बाढ़ का पानी लग जाता है। इसके चलते लोगों को आने-जाने में कफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पिछले शनिवार को वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से गंडक नदी में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिये जाने से सैकड़ों हेक्टेयर में बोई गई धान व गन्ने की फसल डूब गई थी। अभी उन खेतों से बाढ़ का पानी निकला भी नहीं था कि शुक्रवार की रात में एक बार फिर नदी में अधिक पानी छोड़ दिया गया। इससे तवकल टोला के परिषदीय विद्यालय से होकर शिव टोला जाने वाली सड़क पर एक से डेढ़ फुट तक बाढ़ का पानी भर गया है। आने-जाने वालों की परेशानी बढ़ गई है और उन्हें पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है। यही हाल इमिलिया टोला, मुसहरी टोला, देवानारायन टोला, उपाध्याय टोला, चौकी टोला का है, जहां की सड़कों पर पानी लगा हुआ है। दुश्वारियां झेलकर लोग पानी के बीच से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। क्षेत्र के प्रभुनाथ यादव, रामायन राय, राजेन्द्र सिंह, मनोज गुप्ता, दुधनाथ शर्मा आदि का कहना है कि गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से उसका पानी बांसी नदी के सहारे पिपराघाट में घुस जाता है। जैसे ही गंडक का डिस्चार्ज कम होगा तो सड़कों व खेतों से पानी उतरने लगेगा।