राशन वितरण और पात्र गृहस्थी के चयन में धांधली करने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कप्तानगंज विकास खंड के सभागार में आयोजित तहसील दिवस में रामकोला ब्लॉक के बड़हराबाबू गांव के लोगों ने प्रदर्शन किया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं।
बड़हराबाबू गांव के लोगों का कहना था कि गांव में कोटे की दो दुकान है। इनमें से एक दुकानदार कुसम्हा गांव का रहने वाला है। इस कारण गांव के लोगों को खाद्यान्न लेने के लिए पांच किमी दूर कुसम्हा जाना पड़ता है। जबकि कुछ गांव वालों का आरोप था कि दूसरा कोटेदार जो गांव का ही है वह कम राशन देता है और अधिक धनराशि लेता है। विरोध पर वह मारपीट पर उतारू हो जाता है।
महिलाओं ने दोनों कोटेदारों पर ग्राम प्रधान की मिलीभगत से पात्र गृहस्थी के चयन में धांधली करने का आरोप लगाया। गांव वाले अभी प्रदर्शन कर ही रहे थे कि चालक एडीएम की गाड़ी को स्टार्ट कर आगे बढ़ाने की कोशिश करने लगा। इसी दौरान महिलाओं ने एडीएम की गाड़ी को घेर लिया। महिलाओं की नाराजगी देखकर कप्तानगंज के एसडीएम अरुण कुमार सभागार से बाहर निकले। उनके आश्वासन के बाद गाड़ी जा पाई। एसडीएम ने कहा कि जिन लोगों के नाम पात्र गृहस्थी का कार्ड बनाने से छूट गए हैं वे अपने नाम की सूची तैयार कर जमा करा दें। उनका नाम भी दर्ज करा दिया जाएगा।
एसडीएम ने राशन वितरण में की जा रही गड़बड़ी की जांच कराकर कोटेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद लोग माने। प्रदर्शन करने वालों में बीडीसी रवि कुमार, ग्राम पंचायत सदस्य केशव, सुशीला व रमेश, संजू कुशवाहा, रामनरेश, विजय कुमार, व्यास मिश्र, श्यामसुंदर दास, भानू प्रताप, अमरजीत, लालधारी, दुर्गावती, अशमावती, तेतरी, चंद्रावती, विमला, शकुंतली, कौशिल्या, दुखनी, संजय, रामप्रताप एवं राजीव गांधी महिला विकास परियोजना, क्रांती महिला संगठन से जुड़ी महिलाएं भी शामिल रहीं।