पडरौना। मंगलवार की रात खिरकिया के झरही नाले में मां दुर्गा की मूर्ति विसर्जित करने गए दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। काफी प्रयास के बाद बुधवार की सुबह दोनों के शव मिले। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पडरौना नगर से सटे कोतवाली क्षेत्र के नोनियापट्टी गांव के निवासी नरेश के पुत्र संजीव चौहान (30) और सरजू गुप्ता के पुत्र गोविंद गुप्ता (20) दुर्गा पूजा समिति के सदस्यों के साथ मंगलवार की रात खिरकिया स्थित झरही नाले में मूर्ति विसर्जित करने के लिए गए थे। रात में करीब 11 बजे मूर्ति विसर्जन के दौरान दोनों डूब गए। उन्हें न पाकर दुर्गा पूजा समिति के उनके अन्य साथी तलाश करने लगे। इसकी सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी गई। मौके पर एसपी दीपक कुमार भट्ट, सीओ शशिशेखर सिंह, कोतवाल रायसाहब यादव, एसआई प्रवेश कुमार सिंह और संदीप सिंह सहित अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे। झरही में दोनों शवों की तलाश शुरू कर दी गई, लेकिन उनका पता नहीं चला। सुबह होते ही फिर से शवों की तलाश होने लगी। खिरकिया के कुछ युवकों की मदद से दोनों शव करीब आठ बजे आधे घंटे के अंतराल पर ढूंढ लिए गए। शव मिट्टी में दबे हुए थे। इसकी जानकारी होने पर मृतकों के परिवारीजन भी पहुंच गए और शवों से लिपटकर रोने लगे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। संजीव के तीन छोटे-छोटे बच्चे भी हैं।