खड्डा। मनरेगा घोटाले के दूसरे केस में जेल में बंद तत्कालीन दो महिला प्रधानों की जमानत याचिका सीबीआई के विशेष जज ने खारिज कर दी है।
खड्डा ब्लॉक के चार ग्राम सभाओं में मनरेगा में हुए घपले में सीबीआई ने जांच कर सात लोगों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया है। इस इलाके के कई गांवों में मनरेगा योजना के धन का गोलमाल किया गया था।
इसकी जांच तत्कालीन मनरेगा क्वालिटी मॉनीटरिंग विनोद शंकर चौबे ने करके अपनी रिपोर्ट सरकार को दी थी। तब सरकार के आदेश पर तत्कालीन बीडीओ संजय सिंह ने खड्डा थाने में भैंसहा, पकड़ी बृजलाल, शाहपुर, नरायनपुर के उस समय के प्रधानों सहित कुछ अन्य लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था।
बाद में हाईकोर्ट के आदेश पर केस सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई ने मामले की जांच कर चार ग्राम सभाओं के तबके प्रधानों, धन लेने वाले राजेश अग्रवाल, सेक्रेट्री उमेश राय, टीए विजय सहित सात लोगों के विरुद्ध सीबीआई कोर्ट में 15 दिन पहले चार्जशीट दाखिल किया था।
इसके बाद पकड़ी बृजलाल और शाहपुर की तत्कालीन महिला प्रधानों ने कुछ दिन पहले कोर्ट में समर्पण कर दिया था।
वहां से कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया था।
इन दोनों लोगों की तरफ सोमवार को सीबीआई के विशेष जज एके सिंह के सामने जमानत अर्जी दी गई थी। दोनो पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया था और मंगलवार को जमानत अर्जी निरस्त करने का आदेश सुना दिया।
इस बाबत केस की जांच कर रहे सीबीआई के डिप्टी एसपी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि कोर्ट ने दोनों की जमानत खारिज कर दी है।