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तीन कोटेदारों को बंधक बनाया

Sun, 22 May 2016 11:24 PM IST
कुशीनगर
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कप्तानगंज। दो माह से राशन नहीं वितरित होने से नाराज कप्तानगंज के लोगों का रविवार को गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब मई माह में भी कोटेदार निर्धारित से अधिक कीमत लेने के बावजूद कम राशन देने लगे। नाराज लोगों ने मनमानी करने का आरोप लगाते हुए तीन कोटेदारों को रविवार को सुबह करीब दस बजे बंधक बना लिया और मंगल की बाजार में धरने पर बैठ गए। करीब चार घंटे बाद कोटेदार तब मुक्त हुए जब मौके पर पहुंचे पूर्ति निरीक्षक ने आंदोलित लोगों को कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने कोटेदारों को मुक्त कर धरना समाप्त किया।
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कप्तानगंज में मार्च और अप्रैल माह में राशन नहीं वितरित किए जाने की शिकायत तहसील दिवस व डीएम कार्यालय तक की गई है। इस बीच कोटेदार ने रविवार को मई माह का राशन वितरण शुरू किया। लोगों का आरोप था कि आरोप था कि कोटेदार एक यूनिट पर पांच की जगह साढ़े चार किलोग्राम राशन वितरित कर रहे हैं। कम राशन के बावजूद कीमत निर्धारित से ज्यादा वसूलने का भी लोगों ने आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि पहले कोटेदार से इसका विरोध जताया गया लेकिन जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो इसकी शिकायत भाजपा नेता हरेराम गुप्ता सहित कुछ अन्य लोगों से की गई।

इसके बाद भाजपा नेता सहित अन्य लोग मंगल की बाजार में पहुंचे और राशन वितरित कर रहे प्रमोद, सत्यनारायण और गौरीशंकर को बंधक बनाने के बाद बाजार में ही धरने  पर बैठ गए। उधर, सूचना मिलते ही हियुवा जिलाध्यक्ष संजय सिंह, शेषमणि गौंड़, बैजनाथ कसाैंधन, रामप्रताप सिंह, सपा के संजय कुशवाहा, रामनरेश अग्रहरि, इंद्रजीत गुप्ता, मणिन्द्र अग्रहरि आदि नेता भी धरना स्थल पर पहुंच गए।
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धरने में शामिल लोगों का कहना था कि दो माह का राशन नहीं बांटने की शिकायत उन्होंने तहसील दिवस से लेकर डीएम कार्यालय तक में की है। अन्य लोग भी कोटेदारों पर मनमाना तरीके से राशन वितरित करने का आरोप लगा रहे थे। दोपहर करीब तीन बजे कप्तानगंज के पूर्ति निरीक्षक प्रवीण गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्हें देख लोग और उग्र होने लगे। इस पर पुलिस ने अपने संरक्षण में उन्हें धरना स्थल तक पहुंचाया।


पूर्ति निरीक्षक, नेता और नगरवासियों के बीच बातचीत हुई। इस दौरान पूर्ति निरीक्षक ने लोगों को एक सप्ताह में आरोपों की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद लोगों ने बंधक बनाए गए कोटेदारों को मुक्त कर धरना समाप्त किया। इस दौरान आनंद रौनियार, अभय मद्धेशिया, उमेश अग्रहरि, हरिश्चंद अग्रहरि, संतोष मौजूद रहे।
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