खड्डा। मनरेगा में हुए घोटाले की जांच कर रही सीबीआई के डिप्टी एसपी ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर आवश्यक अभिलेख कब्जे में ले लिया। डिप्टी एसपी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जानकारी भी ली।
बताया जा रहा है कि मनरेगा में हुए घोटाले की जांच अंतिम चरण में है। उनके मुख्यालय पहुंचने की भनक मिलने पर विकास भवन में खलबली मची रही। खड्डा विकास खंड में सालिकपुर से शाहपुर जाने वाले मार्ग पर रोहुआ नाले पर 69 लाख रुपये की लागत से 2011 में पुल का निर्माण किया गया था।
इससे पहले कि पुल पर आवागमन शुरू होता, उसके पिलर दरकने लगे थे। इस मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को दी गई थी। सीबीआई ने जांच कर आठ लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें सात लोग जमानत पर हैं जबकि एक अन्य आरोपी फरार है।
इसी विकास खंड में ग्राम सभाओं में मनरेगा के तहत बगैर काम कराए भुगतान कराने का मामला भी सामने आया था। सूत्रों का कहना है कि कागज पर एक करोड़ रुपये से अधिक का काम करा दिया गया और उसका भुगतान भी करा लिया गया था। इस मामले की जांच भी सीबीआई कर रही है। इस मामले की जांच अंतिम चरण में है। जांच की अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के लिए डिप्टी एसपी मंगलवार को सुबह करीब 11 बजे विकास भवन आ धमके।
यहां उन्होंने विकास भवन में डीपीआरओ और परिसर में ही स्थित डीआरडीए के कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से बात की। अधिकारियों से बात कर उन्होंने जांच से जुड़े अभिलेख कब्जे में लिया।
कुछ अभिलेख उपलब्ध नहीं थे, जिसे उन्होंने संबंधित अधिकारियों को भेजवाने के लिए कहा। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई जांच में मनरेगा के तहत हुए कार्यों से जुड़े मामलों में कई लोग बेनकाब हो सकते हैं। उधर, मनरेगा के मामले की जांच के सिलसिले में विकास भवन पहुंचे डिप्टी एसपी एसपी श्रीवास्तव का कहना था कि जांच की प्रक्रिया अंतिम चरण में हैं। जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।