फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केस के भय से बतरौली में जीवन अस्त-व्यस्त  

Fri, 28 Oct 2016 11:27 PM IST
kushinagar
विज्ञापन
अपराध - फोटो : santosh verma
विज्ञापन
तुर्कपट्टी। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर दो पक्षों में हुए बवाल के बाद दिनों दिन बढ़ रही पुलिस की सक्रियता से आम लोगों में भय का वातावरण बना हुआ है। आगजनी और लूट की घटना में पुलिस ने 64 लोगों पर नामजद तथा 650 अज्ञात पर केस दर्ज किया है। लगातार पुलिस की दबिश और गिरफ्तारी से लोग रात में अपने घर बार छोड़ दे रहे हैं। खेती का कार्य कौन पूछे, दिवाली की तैयारी भी लोग नहीं कर पा रहे हैं। 
विज्ञापन

13 अक्टूबर बृहस्पतिवार की दोपहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए ले जाई जा रही मूर्तियों पर बतरौली बाजार में एक पक्ष की ओर से पत्थरबाजी के बाद स्थिति बिगड़ गई थी। इस घटना में करीब आठ दुकानों में आग लगा दी गई थी तथा कई दुकानों में लूटपाट हुई थी। बिगड़े हालात को संभालने जब तक कई थानो की फ ोर्स और पीएसी के जवान पहुंचते, दोनों पक्षों की ओर से करीब पंद्रह लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने दोनों पक्षों से मिली तहरीर के आधार पर 30 नामजद और 250 अज्ञात लोगों के खिलाफ  मुकदमा दर्ज किया था। 
फि लहाल 64 नामजद और 650 अज्ञात के खिलाफ  केस दर्ज कर पुलिस आरोपियों की धर पकड़ में लगी है। पुलिस की कार्रवाई से आम लोगों में दहशत का माहौल है। अज्ञात आरोपियों में अपना नाम होने की आशंका में लोग अब भी घर बार छोड़ कर रह रहे हैं। गांव के हालात का जायजा लेने पहुंचे सत्ताधारी दल के एक कैबिनेट मंत्री तथा अन्य दलों के नेताओं ने निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी नहीं करने की बात कही थी, लेकिन लोगों का कहना है कि पुलिस निर्दोष लोगों को भी निशाना बना रही है। 
विज्ञापन

आलम यह है कि लोगों के धान की फ सल तैयार है, लेकिन उसकी कटाई नहीं हो पा रही। कुछ लोग दिन में तो घर आ रहे हैं लेकिन रात में अपना घर छोड़ दे रहे हैं। रात में चल रही दबिश के चलते लोग डर के मारे घर नहीं रह रहे हैं। दिवाली नजदीक होने के बावजूद भी लोग उसकी तैयारी के बजाय एक दूसरे से अपना नाम होने के बारे में पूछ रहे हैं। इधर, पुलिस की लगातार दबिश के चलते गांव के वर्तमान ग्राम प्रधान सहित पूर्व प्रधान और 26 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। बाजार की कुछ दुकानें खुल रही हैं, लेकिन अधिकतर दुकानें बंद रह रही हैं। गांव में स्थित पूर्व माध्यमिक और प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक आलोक सिंह, पूनम सिंह, दीपक सिंह, वंदना झा और नीलम सिंह ने बताया कि घटना के बाद एमडीएम बनाना बंद हो गया है। प्राथमिक विद्यालय में कुछ बच्चे दिख रहे थे, लेकिन जूनियर विद्यालय में अभिभावक अब भी अपने बच्चों को नहीं भेज रहे हैं। गांव में मौजूद पुलिस की सक्रियता से लोगों को अपनी गिरफ्तारी का डर सता रहा है। इस संबंध में एसओ अनिल कुमार दुबे का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक अभियान चलता रहेगा। शांति बहाली तक पुलिस गांव में मौजूद रहेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें