हाटा। डीएम के निर्देश पर मंगलवार को हाटा बीआरसी परिसर में ग्राम प्रधानों और अध्यापकों की बैठक हुई। इसमें परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराने पर चर्चा हुई। इस दौरान कुछ ग्राम प्रधानों और अध्यापकों में नोकझोंक भी हुई।
नए शैक्षणिक सत्र में छह से 14 वर्ष तक के बच्चों का शत प्रतिशत नामांकन कराने के लिए गांवों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके मद्देनजर मंगलवार को हुई बैठक में बच्चों और उनके अभिभावकों में जागरूकता पैदा करने के लिए रैली निकालने की रणनीति बनाई गई।
विद्यालय में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए ग्राम प्रधानों से सुझाव मांगा गया। जिसमें कुछ ग्राम प्रधानों ने विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल अच्छा बनाने और अध्यापकों की उपस्थिति ठीक करने की बात कही। करमही गांव के ग्राम प्रधान रामज्ञान सिंह ने आरोप लगाया कि उनके गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय पर तैनात शिक्षक कभी कभार ही स्कूल में आते हैं।
ऐसे में कोई अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन कैसे कराएगा। एक शिक्षिका ने कहा कि अगर ग्राम प्रधान अपने बच्चों का नामांकन परिषदीय विद्यालयों में कराएं तो गांव के अन्य लोग भी नामांकन कराएंगेे। इस पर ग्राम प्रधानों ने कहा कि शिक्षक भी अपने बच्चों का नामांकन कराएं तो शैक्षणिक माहौल अच्छा हो सकता है।
इसके अलावा कुछ अन्य मुद्दों पर भी ग्राम प्रधानों और अध्यापकों में हल्की नोकझोंक हुई। बैठक में खंड शिक्षा अधिकारी एसएन प्रजापति के अलावा ग्राम प्रधान विजय बरनावाल, जगजीवन मिश्र, सुरेंद्र कन्नौजिया, सत्यनरायण गौड़, अशोक सिंह, सर्वेश मणि सहित कई अन्य शिक्षक मौजूद रहे।