कुशीनगर। कसया क्षेत्र के सबया से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध की पढ़ाई का मामला और उलझ गया है। उसने एटीएस को आठवीं कक्षा की टीसी जिस विद्यालय की उपलब्ध कराई थी, वहां के प्रधानाध्यापक ने अपने विद्यालय में उसके दाखिले से इंकार कर दिया है।
दूसरी ओर विभाग के अधिकारी इस बारे में कुछ भी बोलने के लिए तैयार नहीं हैं। 23 जनवरी को कसया से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध से पूछताछ करने के बाद एटीएस उसे लेकर मुंबई चली गई थी। उसकी तरफ से उपलब्ध कराए गए शैक्षणिक अभिलेखों की पड़ताल के बाद एटीएस और एसटीएफ की चार सदस्यों की टीम दो फरवरी को पुन: कुशीनगर आई थी।
इस बार उसने बुद्ध इंटरमीडिएट कॉलेज कुशीनगर से उसके इंटर की टीसी सहित अन्य शैक्षणिक अभिलेखों की छायाप्रति ली थी। बताया जा रहा था कि संदिग्ध के इंटर के अभिलेखों के हिसाब से वह नाबालिग था लेकिन मतदाता पहचान पत्र के अनुसार बालिग था और उसने बीते चुनाव में मतदान भी किया था।
संदिग्ध की ओर से एटीएस को उपलब्ध कराई गई आठवीं की टीसी भी गलत निकली। उसने जिस विद्यालय से आठवीं कक्षा उत्तीर्ण करने की मॉर्कशीट और टीसी उपलब्ध कराई थी, वहां के प्रधानाध्यापक ने एटीएस को लिखकर दे दिया है कि वर्ष 2009 से 2012 के बीच उनके यहां संदिग्ध के नाम-पते से कोई दाखिला ही नहीं हुआ है।
दरअसल, संदिग्ध की उम्र को लेकर असमंजस में पड़े जांच एजेंसी के सदस्यों ने दो फरवरी को पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिसवा मठिया के प्रधानाध्यापक से भी मुलाकात की थी। असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस-एक, एटीएस मुंबई की ओर से एक पत्र प्रधानाध्यापक को दिया गया था, जिसमें संदिग्ध की टीसी का सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया था।
साथ ही 2009 से 2012 के बीच के दाखिला रजिस्टर, अध्यापक रजिस्टर और उपस्थिति रजिस्टर पर कुछ भी लिखने की मनाही कर दी थी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सिसवा मठिया के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि तीन वर्षों के रजिस्टर सील कर दिए गए हैं।
संदिग्ध उनके विद्यालय में कभी नहीं पढ़ा था। उसकी ओर से उपलब्ध कराए गए शैक्षणिक अभिलेख गलत हैं। जबकि खंड शिक्षा अधिकारी कसया ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया।