पटहेरवा। एक ही जगह दो चीनी मिलों के क्रय केंद्र संचालित होने से इलाके के किसानों में असमंजस की हालत हो गई है। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि किस मिल के क्रय केंद्र पर अपना गन्ना दें।
सेवरही चीनी मिल ने गन्ना खरीद का आदेश अपने पक्ष में बताते हुए पटहेरवा थाने में तहरीर दी है। मिल की तरफ से मांग की गई है कि दूसरे चीनी मिल का क्रय केंद्र बंद कराया जाए।
पटहेरवा थानाक्षेत्र के महुअवा क्रय केंद्र पर सुल्तानपुर, काजीपुर, अमवा, पटहेरवा, गगलवा, सेंदुरिया सहित लगभग 30 गांवों का गन्ना पिछले कई वर्षों से सेवरही चीनी मिल के लिए खरीदा जाता रहा है।
इस वर्ष भी सेवरही चीनी मिल ने अपना तौल केंद्र स्थापित करने के साथ ही किसानों को सप्लाई टिकट भी वितरित कर दिया था। लेकिन उसके बाद ढाढ़ा चीनी मिल ने भी अपना क्रय केंद्र स्थापित कर दिया और गन्ना खरीदने लगी।
इससे क्षेत्र के किसान असमंजस में हैं कि अपना गन्ना किस चीनी मिल को दें। इधर सेवरही चीनी मिल के सिक्योरिटी इंचार्ज ने पटहेरवा के एसओ को तहरीर देकर बताया है कि शासन स्तर से सात जनवरी को ही चीनी मिल को तौल केंद्र स्थापित कर गन्ना खरीदने की अनुमति मिल गई है।
इसके बावजूद ढाढ़ा चीनी मिल की ओर से गन्ना खरीदा जा रहा है। इस संबंध में तौल केंद्र के सचिव प्रेमनाथ पांडेय का कहना था कि इस केंद्र के अंतर्गत आने वाले गन्ने की सप्लाई सेवरही चीनी मिल को करने का आदेश मिल गया है।
इसलिए गन्ना इसी केंद्र पर आना चाहिए। जबकि पटहेरवा के प्रभारी एसओ सत्येंद्र यादव का कहना था कि आदेश मिलने के संबंध में चीनी मिल की ओर से प्रार्थना पत्र दिया गया है।
लेकिन ढाढ़ा चीनी मिल की ओर से भी पत्र लाने की बात कही गई है। दोनों पत्रों का मिलान करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।