कसया। मंगलवार की आधी रात गांधीघर के बगल में स्थित एक दुकान में लगी आग पास की सात दुकानों में फैल गई। लाखों के सामान जलकर राख हो गए।
आग को काबू में करने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम बुलाई गई। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पीड़ितों का आरोप है कि आग रंजिशवश लगाई गई है, जबकि पुलिस इससे इंकार कर रही है।
गांधी घर के बगल में स्थित रामप्यारे कुशवाहा, आबिद अली, निजामुद्दीन, सिराजुद्दीन की कास्मेटिक, इमामुद्दीन की रूई, जमालुद्दीन की रेडीमेड कपड़े, बिस्मिल्ला की जनरल स्टोर की दुकानें थीं।
मंगलवार की रात ये दुकानें आग लगने से जल गईं। आग से दुकानदारों का लाखों का सामान जलकर राख हो गया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ विनय कुमार सिंह, एसओ ओपी राय, तुर्कपट्टी एसओ के साथ फायर ब्रिगेड की टीम काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाई।
लेकिन तब तक दुकानें जल गई थीं। इस संबंध में पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि रंजिशवश आग लगाई गई है। जबकि पुलिस इससे इंकार कर रही है।
इस दौरान उग्र लोगों ने गांधी घर पर ईंट-पत्थर भी चलाए। आग की जानकारी होने पर बसपा नेता बंटी राव ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर पीड़ितों को हर संभव मदद दिलाने के लिए आश्वासन भी दिया।