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फर्जी बैंक मिला, मैनेजर व आरएम गिरफ्तार

Wed, 25 May 2016 11:34 PM IST
कुशीनगर
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धोखाधड़ी का केस दर्ज, कंप्यूटर समेत अन्य कागजात जब्त - फोटो : अमर उजाला
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कसया। सपहां रोड पर करीब एक साल से चल रहे फर्जी बैंक का बुधवार को खुलासा हुआ। पुलिस ने बैंक के ब्रांच मैनेजर और आरएम को गिरफ्तार कर लिया है। ब्रांच पर मौजूद कंप्यूटर, छह हजार नकद और कई अन्य कागजात भी जब्त किए गए हैं।
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बैंक के लखनऊ स्थित दो खातों में करोड़ों रुपये जमा कराकर निकाल भी लिए गए हैं। एसओ कसया विनय कुमार पाठक ने बुधवार को देर शाम इसका खुलासा करते हुए बताया कि सपहां रोड पर सीपी गुप्ता के मकान के सामने युनाइटेड इंडिया ग्रुप ऑफ कंपनीज (भारतीय कृषि मंत्रालय से मान्यता प्राप्त) की एक ब्रांच करीब एक साल से चल रही थी। यहां एजेंटों के माध्यम से खाता खुलवाकर लोगों का पैसा जमा कराया जाता था। ग्राहकों को विश्वास में लेने के लिए राष्ट्रीयकृत बैंकों की भांति ही बचत खाता, चालू खाता, एफडी आदि की सुविधा थी।

एसओ के अनुसार इस ब्रांच के वैधता की जांच कराई गई तो पता लगा कि कृषि मंत्रालय ने ऐसे किसी संस्थान को वित्तीय लेन-देन के लिए अधिकृत नहीं है। आरबीआई से भी इस तरह के किसी बैंक को मान्यता नहीं मिली है।
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बुधवार को पुलिस ने इस बैंक शाखा पर छापामारी कर मैनेजर राधेश्याम यादव और आरएम अशोक सिंह को पकड़ा। उनसे बैंक संचालन से संबंधित प्रपत्र मांगे। इन बैंक अफसरों के पास सोसाइटी रजिस्ट्रेशन से संबंधित पेपर थे लेकिन आरबीआई या कृषि मंत्रालय से अनुमति का कोई पत्र नहीं मिला। ब्रांच मैनेजर और आरएम ने पुलिस को बताया कि संस्था के एमडी आरके शर्मा लखनऊ में बैठते हैं और वहीं विकास नगर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई ब्रांच में दो खाते खुले हैं।

कसया समेत अन्य सभी ब्रांचों पर जमा ग्राहकों का पैसा हर दिन उन्हीं दोनों खातों में जमा कराए जाते है। एसओ के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक के खाते में छह अगस्त 2015 से अब तक कुल मिलाकर एक करोड़ 72 लाख 96 हजार 23 रुपये जमा हैं जिनमें से एक करोड़ 71 लाख 57 हजार 531 रुपये निकाल लिए गए हैं। इसी तरह बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा में भी एक करोड़ 64 लाख 50 हजार 475 रुपया जमा हुआ है जिसमें से एक करोड़ 62 लाख 18 हजार 886 रुपया निकाल लिया गया है।

पुलिस ने इस मामले में पकड़े गए ब्रांच मैनेजर राधेश्याम यादव निवासी परवारपार थाना रामकोला और आरएम अशोक सिंह निवासी राजेंद्र नगर गोरखपुर के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। एसओ विनय कुमार पाठक ने बताया कि ब्रांच से एक कंप्यूटर, खाता खोलने और पैसा जमा करने वाले फॉर्म, पासबुक और छह हजार रुपये जब्त किए गए हैं।

मामले की विवेचना शुरू कर दी गई है। धोखाधड़ी के मामले का खुलासा करने वाली टीम में एसओ विनय पाठक के अलावा एसआई दुर्गेश सिंह, राजेंद्र चौधरी, मोहन भारती और संजय सिंह शामिल थे।
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