रामकोला। थानाक्षेत्र के पपउर गांव में कोटेदार की तरफ से तीन महीने से राशन वितरण नहीं करने से नाराज लोगों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। गांववालों ने इसकी सूचना पूर्ति विभाग सहित डीएम को दी। मौके पर पुलिस के साथ-साथ पूर्ति निरीक्षक पहुंचे।
जांच के दौरान कोटेदार के गोदाम में 120 बोरा गेहूं-चावल बरामद हुआ। गांववाले कोटेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग करने लगे। लेकिन अधिकारियों की तरफ से रिपोर्ट डीएम को भेजने और उनके निर्देशानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर भीड़ शांत हुई।
पपउर में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान संचालित होती है। गांव के मनोज सिंह, अशोक सिंह, भोला, सुमित नागर, उमेश मिश्रा, मुरारी सहित कई लोगों का आरोप था कि कोटेदार ने तीन माह से राशन वितरण नहीं किया है। सोमवार को सुबह गांव के लोग कोटेदार के गोदाम पर पहुंचे। वहां गोदाम में 97 बोरी गेहूं और 23 बोरा चावल मिला।
इस गांववाले यह कहते हुए हंगामा करने लगे कि गोदाम में राशन होने के बावजूद कोटेदार वितरण नहीं कर रहा है। भाजपा नेता ब्रह्मशंकर चौधरी और सत्यपाल गोविंद राव सहित र्कई अन्य लोग भी पहुंच गए और हंगामा करने लगे।
थोड़ी देर में वहां रामकोला थाने की पुलिस पहुंच गई। गांववालों ने इसकी सूचना डीएम को दी तो उन्होंने कसया के पूर्ति निरीक्षक राघवेंद्र शाही, विजय और कप्तानगंज के पीके गुप्ता पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने गोदाम में रखे बोरों की गिनती की।
वहां 120 बोरा राशन मिलने पर गांववाले अधिकारियों से कोटेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की मांग करने लगे। तीनों अधिकारियों ने जांच के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद भीड़ शांत हुई।
इस संबंध में कप्तानगंज के सप्लाई इंस्पेक्टर पीके गुप्ता ने बताया कि गोदाम सील कर दिया गया है। इसकी जांच की जा रही है। राशन दूसरे कोटेदार के वहां भेजा जा रहा है। इसकी जांच रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी। निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।