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पुलिस नहीं दर्ज कर रही मुकदमा, खातेदार परेशान

Sun, 04 Sep 2016 11:19 PM IST
kushinagar
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कप्तानगंज। एसबीआई की पटखौली शाखा के खातेदार अपनी जमा पूंजी गंवाकर अब इधर-उधर भटक रहे हैं। बैंक प्रबंधन केवल कैशियर को कार्यमुक्त कर चुप हो गया और कप्तानगंज पुलिस मुकदमा नहीं दर्ज कर रही है। परेशान ग्राहकों की समझ में नहीं आ रहा कि अपना रुपये वापस पाने के लिए कहां जाएं। कोई उपाय न देखकर ग्राहक आंदोलन की राह अपनाने की सोच रहे हैं।
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थाना क्षेत्र के पटखौली स्थित एसबीआई शाखा में तैनात रहे कैशियर ने खाता धारकों के खाते से लाखों रुपये निकाल लिए थे। ग्राहकों ने शिकायत की तो बैंक प्रबंधन ने कैशियर को तत्काल यहां से कार्यमुक्त कर दिया। परंतु न तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया और न ही ग्राहकों के खाते में रुपये ही वापस कराए गए। इसके चलते खातेदार अभी तक परेशान घूम रहे हैं। तीन दिन तक लोग लगातार बैंक पर हंगामा भी कर चुके हैं। बीते बृहस्पतिवार को हुए हंगामा के बाद पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया था, लेकिन अब मुकदमा नहीं लिखा जा रहा है। खातेदारों का कहना है कि इस मामले में बैंक प्रबंधन भी हर बार बस इतना ही जवाब दे रहा है कि संबंधित कैशियर को कार्यमुक्त कर दिया गया है। परंतु खातों में रुपये कब तक वापस आएंगे, इस विषय पर कोई बोलने को तैयार नहीं है। परेशान खातेदार अब आंदोलन का मन बना रहे हैं। इस संबंध में कप्तानगंज एसओ चौथीराम यादव का कहना है कि बैंक इस मामले की जांच कर रहा है। बैंक की तरफ से तहरीर आएगी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 

जेई, वीडीओ समेत चार पर केस
रामकोला। टेकुआटार ग्राम सभा में वर्ष 2000 से 2005 के बीच जवाहर रोजगार योजना तथा 10वें, 11 वें व 12 वें वित्त आयोग के धन से कराए गए कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत पर तत्कालीन जेई, ग्राम प्रधान, ग्राम प्रधान पति और ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मुकदमा जांच कर रहे सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के इंस्पेक्टर की तहरीर पर लिखा गया है। 
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सतर्कता अधिष्ठान गोरखपुर के निरीक्षक अशोक कुमार सिंह की तरफ से रामकोला थाने में दी गई तहरीर में लिखा गया है कि शासन में हुई शिकायत के आधार पर टेकुआटार ग्राम सभा में वर्ष 2000 से 2005 तक विकास कार्यों में खर्च हुए धन की जांच की गई। इसमें जवाहर रोजगार योजना के तहत हुए कार्यों में मजदूरी भुगतान में गड़बड़ी मिली। एक ही सप्ताह में एक ही व्यक्ति को दो बार भुगतान किया गया है। एक व्यक्ति के नाम पर 462 ट्राली मिट्टी गिराने के लिए 56 हजार रुपये का भुगतान किया गया है, परंतु जांच में उस व्यक्ति ने मिट्टी नहीं गिराने की बात कही थी। तहरीर के अनुसार जांच में कई अन्य गड़बड़ियां भी मिली हैं। रामकोला पुलिस ने तहरीर के आधार पर तत्कालीन प्रधान, उनके पति, जेई तथा ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस संबंध मेें एसओ रामकोला श्यामलाल यादव ने बताया कि सर्तकता अधिष्ठान गोरखपुर के तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई शुरू कर दी है।
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