खड्डा। विकास खंड के चार गांवों में मनरेगा की धनराशि का 2007 से 2010 के बीच काम कराए बगैर भुगतान कर देने के मामले में आरोपी चार लोगों ने सीबीआई कोर्ट में सरेंडर किया है। इनमें से तीन आरोपियों ने 25 अप्रैल और एक अन्य ने करीब एक पखवारे पूर्व सरेंडर किया था। सीबीआई ने इस मामले में बीते चार जनवरी को सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
कुशीनगर के खड्डा तहसील में वर्ष 2007-2010 के बीच चार गांवों में मनरेगा की धनराशि में से करीब 80 लाख रुपये का भुगतान काम कराए बगैर कर दिए जाने का मामला सामने आया था। सीबीआई ने इस गड़बड़ी की जांच करके बीते चार जनवरी को विशेष कोर्ट में सात लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था।
चार्जशीट में खड्डा विकास खंड के ग्राम सभा भैसहां के तत्कालीन प्रधान विकास गुप्ता, पकड़ी बृजलाल की तत्कालीन महिला प्रधान सबरू नेशा, शाहपुर की तत्कालीन महिला प्रधान सलहन्ता देवी, नरायनपुर के तत्कालीन प्रधान घनश्याम के अलावा चारों गांवों के सेक्रेट्री रहे उमेश राय, तकनीकी सहायक विजय और एक अन्य व्यक्ति राजेश अग्रवाल के नाम शामिल हैं।
इनमें से दो महिला आरोपियों ने पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया था और अब वह जमानत पर हैं। करीब पखवारा भर पहले घनश्याम ने भी कोर्ट में सरेंडर किया था। इस बीच 25 अप्रैल को तीन अन्य आरोपियों उमेश राय, विकास गुप्ता और राजेश अग्रवाल ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया। इसकी पुष्टि करते हुए इस मामले की जांच कर रहे सीबीआई के डीएसपी पीके श्रीवास्तव ने बताया कि जिन चार लोगों ने सरेंडर किया है, वह जेल में हैं। एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है।