पिपरा बाजार। नेबुआ नौरंगिया थानाक्षेत्र के बिरइठ गांव में स्थित श्रीरामजानकी मंदिर से बीते बुधवार की रात चोरी गईं अष्टधातु की 11 मूर्तियों के मामले में पुलिस को अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
इस बीच पुलिस ने मंदिर पर आने जाने वाले कुछ लोगों को थाने पर बुलाकर शुक्रवार को पूछताछ की। एसओ का कहना है कि मामले का जल्द ही पर्दाफाश किया जाएगा। बिरइठ गांव में करीब 200 वर्ष पूर्व स्थापित प्राचीन श्रीरामजानकी मंदिर है।
मंदिर में अष्टधातु की भगवान श्रीराम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान सहित अलग-अलग देवी देवताओं की कुल 11 मूर्तियां प्रतिष्ठापित की गई थीं। जिन्हें बुधवार की रात चोर उठा ले गए। पुजारी रामेश्वर दास को बृहस्पतिवार को सुबह चोरी की घटना की जानकारी हुई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने मंदिर में छानबीन की। बाद में डाग स्क्वायड भी पहुंचा लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। बाद में डाग स्क्वायड टीम के इंचार्ज इंद्रजीत यादव ने यह आशंका जताई थी कि चोर मूर्तियां चुराने के बाद मंदिर के भीतर मिट्टी के फर्श पर पानी डालकर गंध मिटाने का प्रयास किया गया होगा।
इसके बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने पुजारी की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। इस बीच पुलिस शुक्रवार को शुक्रवार को चोरी के इस गंभीर मामले में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका और पुलिस हवा में हाथ पैर मारती रही।
एसओ निर्भय कुमार का कहना है कि मंदिर के कर्ताधर्ता और गांव के कुछ लोगों में मंदिर की संपत्ति को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है। मूर्ति चोरों को जल्द ही पकड़कर मामले का खुलासा किया जाएगा।