जटहां बाजार। लंबे अरसे के बाद एक नए जंगल डकैत सरगना ने विदेश में रह रहे व्यक्ति के घर रंगदारी के लिए पत्र भेजा है। एक अगस्त की शाम सात बजे तक रुपये नहीं मिलने पर घर के मुखिया के छोटे बेटे की हत्या की धमकी दी गई है। पत्र मिलने के बाद से ही दहशतजदा परिवार के लोगों ने शुक्रवार को हिम्मत जुटाकर जटहां बाजार पुलिस को पत्र सौंपा। देर शाम पुलिस ने गांव जाकर मामले की छानबीन शुरू की।
जटहां बाजार थाना क्षेत्र के गांव सोनवल निवासी कलाम शरीफ उर्फ मरिचाई और उनका बड़ा बेटा रफीक विदेश में हैं। बृहस्पतिवार की शाम सोनवल चौराहे पर दो लोग एक बाइक से आए और रफीक के घर का पता पूछे। पता बताने वाले दुकानदार को ही उन लोगों ने एक कागज पकड़ाकर कहा कि इसे रफीक के घर तक भेजवा दें। देर शाम दुकानदार ने कागज रफीक के घरवालों को दे दिया। कागज पर लिखे शब्द पढ़कर परिवार के लोग हैरान रह गए। यह पत्र दस्यु सरगना सहरी शूटर की तरफ से लिखा है। टूटी-फूटी भाषा में लिखे गए इस पत्र में एक लाख रुपये ठोरी बाजार से पूरब बंधे पर पहुंचाने की बात कही गई है। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि मामले की जानकारी पुलिस को देने पर उसे दो लाख रुपये देने पड़ेंगे। पत्र को महज धमकी समझकर रुपये न देने पर इस घर के छोटे बेटे की हत्या की धमकी भी दी गई है। रुपये एक अगस्त की शाम को भिजवाने हैं। पत्र पढ़ने के बाद दहशत में आए परिवार ने रात में किसी से चर्चा नहीं की। दोपहर बाद हिम्मत जुटाकर परिवार के लोग जटहां बाजार पुलिस के पास पहुंचे और पत्र की छायाप्रति के साथ कार्रवाई के लिए तहरीर दी।
उल्लेखनीय है कि एक दशक पहले तक जटहां बाजार थाना क्षेत्र भी जंगल डकैतों के आतंक से खौफजदा रहता था। परंतु यूपी और बिहार पुलिस की कार्रवाई के बाद अधिकांश जंगल डकैतों ने या तो आत्मसमर्पण कर दिया या फिर एनकाउंटर में मारे गए। लंबे अरसे बाद किसी जंगल डकैत सरगना की तरफ से रंगदारी के लिए पत्र मिलने से इस परिवार के साथ-साथ अन्य लोग भी दहशत में हैं। इस संबंध में जटहां बाजार एसओ राणा राजेश सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही छानबीन शुरू करा दी गई। इस बात की भी जांच पड़ताल हो रही है कि किसी ने मजाक के लिए तो यह धमकी भरा पत्र नहीं लिखा।