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गांव के लोगों ने जेई और ठेकेदार को जबरन बैठाया

Mon, 19 Oct 2015 11:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पिपरा बाजार। सोमवार की दोपहर पडरौना कोतवाली के मिश्रौली बाजार में नाराज गांववालों ने विद्युतीकरण कराने वाली संस्था के एक जूनियर इंजीनियर और ठेकेदार को लगभग दो घंटे तक जबरन बैठाए रखा।
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आरोप है कि बीपीएल श्रेणी के व्यक्तियों को कनेक्शन देने में पक्षपात किया जा रहा था। बाद में लिखित आश्वासन देने पर उन्हें मुक्ति मिली।
तीन महीने से राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत मिश्रौली गांव में कनेक्शन दिए जा रहे हैं। सोमवार को इसी सिलसिले में ठेकेदार गांव में पहुंचे थे।
कुछ लोगों की शिकायत थी कि जिम्मेदारों की मिलीभगत से कनेक्शन देने में पक्षपात किया जा रहा है। कई बार कहने के बावजूद बीपीएल श्रेणी के कुछ लोगों के घरों के सामने न तो पोल लगाए गए और न कनेक्शन दिया गया। लोगों ने ठेकेदार को घेर लिया और पूछताछ शुरू कर दी।
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इसी दौरान ठेकेदार से सूचना पाकर जूनियर इंजीनियर और एक सुरक्षा अधिकारी भी आ पहुंचे। इंजीनियर ने लोगों को नियमों का हवाला देना शुरू किया, लेकिन तर्कों से आजिज लोगों ने एक नहीं सुनी और कनेक्शन के नाम पर मनमानी का आरोप लगाते हुए सबको बैठा लिया।
इसके बाद गांववालाें से मान मनौव्वल शुरू हुई। गांव के मानिंद लोगों के समक्ष जूनियर इंजीनियर देवारुण, ठेकेदार वासिफ  ने उचित ढंग से कार्य करने का लिखित आश्वासन दिया, तब उनको छोड़ा गया।
इस मौके पर मिश्रौली के पूर्व प्रधान अनवर हुसैन, मोबीन आलम, मोहम्मद हफीज, रमाकांत प्रसाद, विजय यादव, अब्दुल करीम, नूर आलम, लड्डन, असलम, अनिरुद्ध आदि मौजूद थे।
इस संबंध में विद्युतीकरण कराने वाली संस्था के उप महाप्रबंधक संजय पांडेय ने कहा कि जूनियर इंजीनियर को बैठाए जाने की जानकारी नहीं है।
उन्होंने बताया कि पॉवर ग्रिड की ओर से प्राप्त सूची के अनुसार गांव, टोले में विद्युतीकरण किया जाना है और बीपीएल श्रेणी के लोगों को मुफ्त कनेक्शन दिए जाने हैं। अधिकारी को बैठाना समस्या का समाधान नहीं है।
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