पुलिस की कार्रवाई के भय से घर में ताला लगा कर बाहर बैठे नागेंद्र साहनी का कहना था आज उनके घर तिलक आना था ।
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रामकोला। होली के दिन पुलिस और गांववालाें के बीच हुए संघर्ष से खोटही गांव में दहशत का माहौल है। पुलिस के डर से बहुत से लोग गांव से भागे हुए हैं। गांव में मौजूद महिलाएं और बच्चे भी सहमे हुए हैं।
इस घटना का असर वैवाहिक कार्यक्रमों पर भी पड़ रहा है। खोटही गांव के प्रधान टोले पर एक युवक का तिलक चढ़ाने तिलकहरू आए, लेकिन पुलिस के डर से दूल्हा ही घर से फरार मिला। ऐसे में तिलक चढ़ाने आए लोग तथा युवक के रिश्तेदार भी वापस चले गए। होली के दिन विवादित जमीन को लेकर हुई मारपीट और फायरिंग के बाद से खोटही के पांच टोलों में भय का माहौल है।
गांव में सिर्फ महिलाएं और बच्चे ही दिख रहे हैं। खोटही के प्रधान टोले की स्थिति यह है कि घटना के पांच दिन बाद भी कई घरों में ताले लटक रहे हैं। इस टोले के निवासी नागेंद्र ने अपने लड़के लक्ष्मण की शादी तीन माह पहले ही तय कर दी थी। सोमवार को तिलक की तारीख तय थी। नागेंद्र ने इस दिन सामग्रियों के लिए सट्टा भी तय कर लिया था।
इस मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उनके कई रिश्तेदार एक सप्ताह पहले ही आ गए थे। तिलक की तैयारी भी लगभग पूरी थी। इसी बीच जमीन को लेकर गांव में विवाद हो गया और उसके बाद पुलिस और गांववालाें के बीच संघर्ष। पुलिस के केस दर्ज करने और धरपकड़ के लिए दबिश शुरू करने के बाद से गांव में दहशत का माहौल है।
सोमवार को नागेंद्र के घर बेटे का तिलक चढ़ाने के लिए तिलकहरू आए, लेकिन दूल्हा पुलिस के डर से फरार मिला। नागेंद्र साहनी ने बताया कि उनका बेटा पुलिस के डर से घर छोड़कर चला गया है। तिलक चढ़ाने आए लोग और कई रिश्तेदार भी तिलक न चढ़ने के कारण अपने घर चले गए।
अब शादी की तारीख आगे बढ़ाई जाएगी। इस गांव में महिलाआें और बच्चों को जहां खाने-पीने की वस्तुआें के लिए दिक्कतें होने लगी हैं, वहीं मवेशियाें को चारा नहीं मिल रहा है।