कुबेरस्थान। थाना क्षेत्र के जंगल पचरुखिया गांव के फकिरहवां मुसहर टोली में खड़ंजा कराते समय शुक्रवार की सुबह दो पक्षों में विवाद हो गया। दोनों तरफ से ईंट-पत्थर चले, जिसमें करीब 16 लोग घायल हुए हैं। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया तथा आंसू गैस के गोले भी छोड़े।
जंगल पचरुखिया गांव के सेमरा टोला निवासी जिला पंचायत सदस्य के परिवार के मनोज सिंह जिला पंचायत से स्वीकृत मार्ग पर खड़ंजा के लिए तीन ट्रैक्टर-ट्रॉली पर ईंट लदवाकर मजदूरों के साथ मौके पर पहुंचे। बताया जाता है कि यह देख ग्राम प्रधान के समर्थक भड़क गए और खड़ंजा निर्माण का विरोध करने लगे। प्रधान समर्थकों का कहना था कि उनके मौजे में ग्रामसभा निधि को छोड़कर अन्य निधि से कार्य नहीं कराया जाएगा। इसी बात को लेकर जिला पंचायत सदस्य के समर्थक भी पहुंच गए और दोनों तरफ र्से इंट-पत्थर चलने लगा।
घटना की सूचना मिलने पर कुबेरस्थान थाने के एसओ अनिल कुमार दुबे मयफोर्स पहुंचे। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को उन्होंने हल्का बल प्रयोग करने का निर्देश दिया। साथ ही आंसू गैस भी छोड़ा गया, तब जाकर पुलिस स्थिति को नियंत्रण में कर पाई। इस घटना में एक पक्ष से महंथ, लाखी, गायत्री, मोहन, जवाहिर, धर्मा, मंदी, सुब्बा, सुनैना, कमलावती, ज्ञांती, तपिया, फु लवा आदि घायल हो गईं, जबकि दूसरे पक्ष से हीरा, नरेश, पूरन 16 लोग घायल हुए हैं। इस गांव के मोहन प्रसाद एवं जवाहिर का कहना है कि दूसरे पक्ष के लोगों की ओर से फायरिंग भी की गई। यह भी आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उनके घरों में भी घुसकर मारपीट की। दूसरे पक्ष के मनोज सिंह का कहना था कि किसी तरफ से फायरिंग नहीं हुई है, बल्कि पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस छोड़ा। मौके पर सीओ सदर जनार्दन तिवारी तथा हलका लेखपाल गाजरनंदन प्रसाद ने त्वरित कार्यवाही बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजवाया। इस संबंध में कुबेरस्थान के एसओ अनिल कुमार दुबे का कहना था कि एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, लेकिन दोनों पक्षों से अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।