रामकोला। थानाक्षेत्र के पगार के एक युवक को विदेश भेजने के नाम पर एक ठग ने 80 हजार रुपये वीजा के नाम पर ले लिया। बीजा में भी उसने इलेक्ट्रॉनिक हेल्पर की जगह पल्लेदारी का वीजा दे दिया।
विदेश पहुंचने पर युवक को बोरे ढोने के काम में लगा दिया गया। वहां से युवक ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की दास्तां परिवार के लोगों को सुनाई। तब घरवालों ने टिकट भेजकर उसे बुलवाया। युवक की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पगार निवासी रंजय गिरी के मुताबिक उन्हाेंने अपनी माली स्थिति सुधारने के लिए विदेश जाने का मन बनाया। इसके लिए उन्हाेंने पासपोर्ट बनवा लिया। उसके बाद कप्तानगंज थानाक्षेत्र के हरपुर बरवा के जनार्दन साहनी नाम के एक व्यक्ति से मिला।
उसने युवक को बताया कि दुबई के लिए एक वीजा है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक हेल्पर का काम करना है। उसने अच्छी कमाई का सब्जबाग दिखाया तो रंजय उसके झांसे में आ गए। 80 हजार रुपये लेकर उसने रंजय को मुंबई भेजा, जहां उनका वीजा बदलकर उसे मजदूर का वीजा दे दिया गया।
रंजय के मुताबिक दुबई पहुंचने पर उन्हें एक आटा चक्की पर मजदूरी के काम में लगा दिया गया। युवक ने वहां काम लेने वाले व्यक्ति से कहा कि उसे इलेक्ट्रॉनिक हेल्पर में भेजा गया है, इसलिए वह मजदूरी नहीं करेगा।
तब उस व्यक्ति ने ने रंजय को बताया कि उसका वीजा मजदूर का है। अपने साथ हुई घटना की जानकारी रंजय ने घरवालों को दी। घरवालाें के प्रयास से वह घर वापस आया और पुलिस को घटना की जानकारी दी। इस संबंध में एसओ सौदागर राय का कहना था कि मुकदमा दर्ज हो गया है। आरोपी को पुलिस खोज रही है, अभी मिला नहीं है।