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बाइकें भिड़ीं, एक मरा-दो घायल

Thu, 07 Jul 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कुशीनगर
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रोते परिवार के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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 कसया-तमकुही मार्ग पर तुर्कपट्टी के तेनुआ गांव के सामने गुरुवार सुबह दो बाइकें आपस में भिड़ गईं। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने गांववालों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शव कब्जे में ले लिया। ये लोग ईद के अवसर पर दूध लाने के लिए घर से निकले थे। 
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तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के बेलवा खुर्द निवासी समीन (45) पुत्र मखुली गांव के ही आस मुहम्मद (40) के साथ ईद के लिए दूध लाने की खातिर बाइक से निकले थे। छहूं पेट्रोलपंप से पेट्रोल लेकर गांव लौट रहे थे। करीब पांच बजे जैसे ही तेनुआ गांव के पास पहुंचे, सामने से आ रहे अमवा गांव के निवासी बाइक सवार साकिर (20) पुत्र वहीद से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि समीन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि पीछे बैठे आस मुहम्मद तथा दूसरे बाइक चालक साकिर गंभीर रूप से घायल हो गए। 
सूचना मिलने पर तुर्कपट्टी पुलिस पहुंची और गांववालों की मदद से दोनों घायलों को कसया सीएचसी भेजा। दोनों बाइक पुलिस ने कब्जे में ले ली। घायलों में साकिर की हालत गंभीर देख डॉक्टर ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
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एसआई देवेंद्र सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक के घर वालों की ओर से तहरीर भी मिली है। मामले की जांच की जा रही है।

आए तो पर गले मिलने नहीं कंधा देने

ईद की नमाज से पहले मेहमानों की आवभगत की तैयारियों में मशगूल समीन की सड़क दुर्घटना में हुई मौत से पूरा कुनबा सदमे में है। मिलनसार समीन के इंतकाल से ईद के मुबारक माहौल में मातम घुल गया। दोस्त और पड़ोसी जो सेंवई चखने के लिए न्यौते गए थे, वह समीन के घर तो पहुंचे मगर गले मिलने नहीं बल्कि उन्हें कंधा देने।
तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के बेलवा खुर्द गांव के निवासी मखुली के चार बेटों में समीन सबसे बड़े थे। एक मध्यमवर्गीय परिवार में ताल्लुक रखने वाले समीन मुंबई की एक निजी कंपनी में काम करते थे। अभी कुछ दिन पूर्व ही समीन कमाकर मुंबई से घर आए थे। इसी माह के अंत में बेटी शाहजहां का निकाह भी तय कर रखा था। ईद के दिन मेहमानों की मेहमाननवाजी में कोई कमी न रह जाए, यह सोचकर थोड़े और दूध की व्यवस्था करने सुबह पांच बजे ही घर से क्या गए, उनके साथ पूरे परिवार की खुशियां भी चली गईं। कसया-तुर्कपट्टी मार्ग पर दो बाइक की टक्कर ने उनकी खुशियां छीन लीं। गांव में सन्नाटा छा गया और ईद की उल्लास भरी सुबह मातमी हो गई।
समीन की मौत से उनके पिता मुखली, पत्नी अमरून नेशा और बेटी शाहजहां सहित तीन बेटों फिरोज, अफरोज और आतिफ का रो-रो कर बुरा हाल है। गांव में ईद की खुशियों का उल्लास होना चाहिए, वहां चारों तरफ सन्नाटा छाया है। 
ग्राम प्रधान हृदयनारायण सिंह ने बताया कि समीन काफी मिलनसार थे। उनकी मौत से परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूटा है। उन्हें खोकर जहां मातम के बीच गांव के लोगों ने सुबह ईद की नमाज अदा की, वहीं शाम को उनके जनाजे की नमाज पढ़नी पड़ी। इससे बड़ा दुर्भाग्य और क्या हो सकता है।
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