सिंगापट्टी में आग से प्रभावित लोगों को चेक वितरण करते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
हाटा। करीब एक सप्ताह पहले मोतीचक विकास खंड के विशुनपुरा गांव में चूल्हे की आग से निकली चिंगारी ने न केवल बिकाऊ प्रसाद का घर जल गया बल्कि उनकी बेटी के हाथ पीले करने के अरमान पर जल गए। कोई दूसरा चारा नहीं देख बिकाऊ ने बेटी की शादी रद्द कर दी।
पांच अप्रैल को आग की चपेट में आने से विशुनपुरा गांव के छह लोगों की झोपड़ियां जल गई थीं। आग की चपेट में आने से तबाह हुए घरों में से एक घर बिकाऊ प्रसाद का भी था। बिकाऊ अपनी बेटी सविता की शादी मई माह में तय कर रखी थी। शादी के लिए आवश्यक सामनों की खरीदारी भी किया जा चुका था। अन्य व्यवस्था के लिए नकदी का इंतजाम भी बिकाऊ ने किया था, लेकिन आग ने ऐसा कहर ढाया कि न तो शादी के सामान ही बचे और न ही नकदी ही बचा।
सोमवार को बिकाऊ प्रसाद अपने परिवार के साथ कपड़े का छाजन बनाकर झोपड़ी वाले जगह पर चिंता में डूबे हुए बैठे थे। उनसे बेटी की शादी के बारे में पूछने पर वह फफक पड़े और कहा कि अब शादी कैसे हो सकती है। अभी तो पेट भरने और तन ढकने के ही लाले पड़े हैं। जब तक कोई इंतजाम नहीं हो जाता है, तक तक के लिए शादी कैंसिल कर दी गई है।
इस आग में अपना सब कुछ गंवाने वाले राजदेव ने बताया कि घर का सारा सामान और अनाज जल जाने के कारण परिवार के एक-एक वक्त का भरण पोषण मजदूरी पर निर्भर है। चंद्रभान और सरोज देवी ने कहा कि कही से कोई सहायता नहीं मिली है, इससे हम लोग दो वक्त भी अपने बच्चों का पेट भर सकें। परिवार का पेट पालने के साथ सिर छुपाने के लिए नई झोपड़ी का निर्माण कराना उनके लिए मुश्किल लग रहा है।