रामकोला थाना क्षेत्र के खोटही गांव में होली के दिन पुलिस से संघर्ष के बाद गिरफ्तारी के भय से गांव वाले घर छोड़कर अन्यत्र चले गए हैं। घरों में महिलाएं और बच्चे कैंद हैं। इसके चलते संघर्ष के सातवें दिन भी गांव में सन्नाटा रहा।
उधर, गांववालों को यह चिंता भी सता रही है कि गेहूं की फसल तैयार हो गई है और समय से नहीं कट पाने से मौसम खराब होने की स्थिति में क्षति हो सकती है। उधर, रामबर भरटोली की महिलाओं ने आरोप लगाया कि विवाद उनके क्षेत्र से दो किलोमीटर दूर हुआ लेकिन पुलिस उनके परिवारवालों को भी परेशान कर रही है।
खोटही गांव में होली के दिन दो पक्षों में जमीन संबंधी विवाद को लेकर मारपीट हो गई थी। मारपीट की जानकारी मिलने पर गांव पहुंची पुलिस पर एक पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया था। इस संघर्ष में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने थाने में 23 नामजद और 250 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया था। उधर, गिरफ्तारी के भय से गांव के लोग घर छोड़कर अन्यत्र चले गए हैं।
वहीं, रामबर भरटोली की झुलरी देवी, कौशल्या देवी, कृष्णावती, शुभावती देवी, जिलेबा देवी, इसरावती, गुड्डी ने आरोप लगाया कि उनके घर से करीब किलोमीटर दूर विवाद हुआ था लेकिन पुलिस उनके गांव में छापे की कार्रवाई कर रही है। इन महिलाओं ने यह आरोप भी लगाया कि पुलिस गांव के चार लोगों को पकड़कर ले गई है।
जिन लोगों को पकड़कर पुलिस ले गई है वे पुलिस के भय से गांव के बाहर नदी किनारे सोए हुए थे। गेहूं की फसल तैयार हो गई है लेकिन पुलिस के भय से खेत में लोग नहीं जा पा रहे हैं। इस संबंध में एसओ सौदागर राय ने कहा कि किसी निर्दोष का पुलिस उत्पीड़न नहीं कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है।