राजकुमार की मौत पहले या टुनटुन की, जांचेगी पुलिस
खड्डा बाजार में लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जाएंगे
दोनों के करीबियों से पूछताछ कर जुटाई जाएगी जानकारी
शोभित कुमार पांडेय
कुशीनगर। खड्डा क्षेत्र के बंधू छपरा गांव में हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठने के बाद नए सिरे से पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस अब यह यह जांचेगी कि पहले राजकुमार की मौत हुई थी, या टुनटुन की। वैसे घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस राजकुमार के गायब सिर को ढूंढने में विफल रही है।
बंधूछपरा गांव निवासी चंद्रिका और रिजवान के बीच उपजा जमीन संबंधी विवाद पुराना है। समय रहते निस्तारण नहीं हो पाने की वजह से दो युवकों की हत्या जैसी बडी घटना घटी। चंद्रिका के 24 वर्षीय बेटे राजकुमार की हत्या करके हत्यारों ने सिर को ही गायब कर दिया था। सिर कटी लाश मिलने के बाद पुलिस सकते में आई। गायब सिर ढूंढने के दौरान उसी गांव के निवासी मजनू के 20 वर्षीय बेटे टुनटुन उर्फ इस्माइल की लाश नहर में मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में टुनटुन की हत्या सिर में प्रतिबंधित बोर की गोली मार कर करने की बात सामने आई। पीड़ित पिता चंद्रिका की तहरीर पर पुलिस ने रिजवान समेत सात लोगों पर हत्या कर शव छिपाने की कोशिश का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और पांच आरोपियों को जेल भी भेज दिया।
इधर जब राजकुमार के घर से 62 पेज का रजिस्टर मिला और उसमें लिखी बातें उजागर हुईं तो मामला सोशल माडिया पर छा गया। विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने एसआईटी से जांच के लिए मामला डीपीजी के संज्ञान में ला दिया। आईजी गोरखपुर जेएन सिंह जब बंधूछपरा में मजनू से मिले तो मजनू ने आरोप लगा दिया कि टुनटुन का कत्ल राजकुमार ने ही किया है। जबतक गायब सिर नहीं मिल जाता और डीएनए की रिपोर्ट नहीं आ जाती, शव राजकुमार का होने की पुष्टि नहीं की जा सकती। आईजी ने डीएनए टेस्ट कराने और गायब सिर तलाशने का भरोसा दिया।
सूत्रों की मानें तो पुलिस दोनों शवों का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर से यह पता करेंगी कि पहले राजकुमार की मौत हुई थी अथवा टुनटुन की। इसके साथ ही दोनो मृतकों के मोबाइल नंबरों के अलावा उस टॉवर में काम करने वाले संदिग्ध नंबरों की भी जांच करेंगी। खड्डा बाजार में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालेगी कि आखिर राजकुमार और टुनटुन एक साथ बाइक से निकले थे अथवा नहीं। इसके अलावा उस दौरान कोई और तो नहीं साथ में था। जिन लोगों ने दोनों को आते-जाते देखा था, उनसे भी पुलिस पूछताछ कर तथ्यों की हकीकत जानने का प्रयास करेगी।
दोहरे हत्या कांड के सभी बिंदुओं की गहनता से जांच हो रही है। राजकुमार का सिर नहीं मिलने से पुलिस पहले ही सजग हो गई थी और डीएनए सुुरक्षित कर लिया था। पुलिस चिकित्सकों से मिलकर यह जानेगी कि राजकुमार और टुनटुन में किसकी मौत पहले हुई थी। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज और दोनों से जुड़े लोगों से बातचीत कर साक्ष्य जुटाएगी। उम्मीद है कि जल्द ही गायब सिर तलाश लिया जाएगा और फरार आरोपी गिरफ्त में होंगे। वैसे पुलिस कर्मियों पर लापरवाही के आरोपों की जांच एसपी नार्थ गौरव बंशवाल से कराई जा रही है। - राजीव नारायण मिश्र, एसपी कुशीनगर
गायब सिर की तलाश में जुटे गोताखोर
खड्डा। गोताखारों की टीम नहर में गायब राजकुमार के सिर की तलाश में जुटी हुई थी। वहीं टुनटुन की हत्या में प्रयोग असलहे की भी तलाश कर रही है। फरार नामजद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
शनिवार को गोताखोरो की दो अलग-अलग टीम नहर में गायब सिर की तलाश करने में जुटी रही। पुलिस हत्या के समय मृतकों के फोन पर की गई बातचीत व मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर टुनटुन की हत्या में जिस प्रतिबंधित बोर के असलहे का इस्तेमाल हुआ था वह कौन व कहां से पाया था। पुलिस जिन पांच नामजद आरोपियों को जेल भेजी थी, उनसे पूछताछ में कोई खास तथ्य सामने नहीं आया था। एसओ संजय कुमार सिंह ने बताया कि सिर व असलहा ढूंढने के लिए गोताखोरों के साथ पुलिस टीम लगाई गई हैं। सर्विलांस व मोबाइल नेटवर्क तथा लोगों से पूछताछ की जा रही है। हर बिंदु को ध्यान में रखकर विवेचना चल रही है।