बगहा एसपी के समक्ष समर्पण करता दस्यु डकैत लंबू।
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खड्डा। यूपी-बिहार सीमा पर आतंक का पर्याय रहे जंगल दस्यु 25 हजार रुपये का इनामी प्रभु यादव उर्फ लंबू ने बगहा के पुलिस कप्तान के समक्ष सोमवार को आत्म समर्पण कर दिया। इनामी डकैत के आत्मसमर्पण के बाद यूपी और बिहार की पुलिस ने राहत महसूस की। वैसे डकैत ने समाज के मुख्यधारा से जुड़कर जीवन गुजारने की बात पुलिस अधिकारियों से की।
यूपी से सटे बगहा थाना क्षेत्र के खैरटवा व रहमान नगर के निवासी दस्यु प्रभु यादव उर्फ लंबू का दस वर्षों तक अपराध की दुनिया में हनक कायम रहा। इसके आतंक से गंडक दियारा का इलाके सहमा रहता था। इसके उपर विभिन्न थानों में दस मुकदमें पंजीकृत है। जिसमें फिरौती, अपहरण, हत्या, डकैती, वन अधिनियम, आर्म्स एक्ट, रंगदारी वसूली आदि शामिल है। दस्यु को पकड़ने के लिए पुलिस से कई बार आमना-सामना हुआ, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नही चढ़ सका था। हांलाकि 2008 के बाद वह गुमनामी का जीवन व्यतीत कर पुलिस की नजर से दूर था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक यूपी में इसका आतंक रहा है। लगातार पुलिसिया दबाव के चलते और बिहार सरकार के जरिाए चलाई गई पुनर्वास योजना की वजह से दस्यु लंबू ने सोमवार बगहा पुलिस कप्तान अरविंद कुमार के दफ्तर पहुंचकर उनके समक्ष आत्मसमर्पण करते हुए समाज की मुख्यधारा में जीवन व्यतीत करने की बात कहीं। बगहा के पुलिस कप्तान अरविंद कुमार ने बताया कि दस्यु लंबू के ऊपर 25 हजार का ईनाम घोषित था। उसने आत्मसमर्पण किया है। उसे जेल भेजा जा रहा है। शोभित कुमार पांडेय