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गोरखपुर के फरार लुटेेरे ने रची थी लूट की साजिश

Thu, 03 Jan 2019 11:23 PM IST
राकेश पांडेय अमर उजाला ब्यूरो
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कैश वैन लूट
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कुशीनगर। कैशवैन लूटकांड की घटना की प्लानिंग गोरखपुर के फरार लुटेरे अच्छे लाल ने की थी। उसके बाद रेकी कर वारदात को अंजाम दिया। तीनों फरार लुटेरों की तलाश में पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी में जुटी है। सूत्र बताते हैं कि दो लुटेरे सीवान में और गोरखपुर के अच्छे लाल ने नेपाल में शरण ली है।
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सीवान जेल से छूटने के बाद देवरिया के लार चौक निवासी सतीश जायसवाल और गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र के जंगल धूसड़ निवासी अच्छेलाल ने लूट की योजना बनाई। अच्छेेलाल ने अपने स्रोतों से रेडिएंट कंपनी के कैशवैन को लूटने की साजिश रची और फिर सीवान के तीन लुटेरों की मदद से लूट की वारदात को दस दिसंबर को हाटा क्षेत्र में अंजाम दिया। सूत्र बताते है कि फरार लुटेरे अच्छेलाल के पकड़े जाने के बाद ही पुलिस को यह जानकारी हो पाएंगी कि रेडियंट कंपनी को ही निशाना बनाने की मुखबिरी आखिर कौन किया था।

अच्छेलाल की गैरमौजूदगी में बीवी नाम जमीन की हुई थी रजिस्ट्री
फरार लुटेरे अच्छेलाल की गैरमौजूदगी में उसकी बीवी के नाम जमीन की रजिस्ट्री हुई थी। पकड़े गए उसके भाई रामभवन ने मौजूद रहकर अपनी बीवी और अच्छेलाल की बीवी के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। घटना के बाद ही अच्छेलाल नेपाल भाग गया। ऐसी जानकारी पकड़े गए आरोपियों से हुई पूछताछ के बाद पुलिस को मिली है।
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सतीश और नागेंद्र पर घोषित है महराजगंज में इनाम
कैशवैन लूटकांड में पकड़े गए बदमाश देवरिया के सतीश जायसवाल और सीवान बिहार के नागेंद्र ने एक फरवरी 2018 को महराजगंज जिले के श्यामदेउरवा में 30000 रुपये की लूट की घटना को अंजाम देने की बात स्वीकार की। इस घटना में दो अन्य बदमाशों का भी शामिल होना पुलिस को बताया। एसपी राजीव नारायन मिश्र बताते है कि सतीश और नागेंद्र पर महराजगंज पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। इनके पकड़े जाने के बाद कसया और गोरखपुर के गुल्हरियां तथा चौरीचौरा क्षेत्र में हुई लूट का भी पर्दाफाश हुआ।

पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की कोर्ट ने दी मंजूरी
कैशवैन लूटकांड में पुलिस की ओर से कोर्ट में अर्जी देकर रेडियंट कंपनी के कुछ कर्मियों की पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की अनुमति मांगी गई थी। एसपी राजीव नारायन मिश्र बताते है कि कोर्ट ने पॉलीग्राफी कराने की अर्जी को मंजूरी दे दी है, लेकिन तिथि निर्धारित नहीं है। फरार लुटेरे अच्छे लाल और सीवान के मास्टर माइंड लुटेरे के पकड़े जाने के बाद यदि रेडिएंट कंपनी के कैशियर और चालक की भूमिका संदिग्ध मिली तो उनका पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जाएगा, अन्यथा कोई आवश्यकता नहीं होगी।

पकड़े गए तीनों लुटेरे सतीश, नागेंद्र और रामभवन से हुई पूछताछ में जानकारी मिली कि गोरखपुर के फरार चल रहे लुटेरे अच्छेलाल ने ही रेडिएंट कंपनी को लूटने के लिए चिन्हित किया था। उसकी प्लानिंग से कैशवैन लूटकांड की घटना को लुटेरों ने अंजाम दिया। दो लुटेरों के सीवान में और एक लुटेरे के नेपाल में छिपे होने की सूचना मिल रही है। पुलिस की टीमें फरार तीनों लुटेरों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। उनके पकड़े जाने के बाद घटना की मुखबिरी करने वाले के बारे में पता चलेगा और उनके हिस्से में मिली कैश की बरामदगी हो सकेंगी।
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- राजीव नारायन मिश्र, एसपी कुशीनगर
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